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5 सालों से करीबी संबंध और फिर पार्टनर ने ही उतार दिया मौत के घाट; दुकान से बदबू आने पर खुला गुप्त राज, केस अपडेट

Murder Case Update: करीबी संबंध बनाने के बाद पार्टनर ने ही महिला को मौत के घाट उतार दिया। दुकान से बदबू आने पर गुप्त राज खुला। जानिए पूरा मामला क्या है?

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close relationship lasted five years and then partner killed women secret revealed gorakhpur murder case

गोरखपुर मर्डर केस अपडेट। फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

Murder Case Update:गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र स्थित जिला पंचायत रोड पर संचालित एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करने वाली 25 साल की गंगोत्री यादव की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके ही पार्टनर अनिल कुमार गुप्ता ने की थी। घटना के पीछे 4 लाख रुपये और आपसी विवाद मुख्य कारण बताए जा रहे हैं।

रविवार को हुआ विवाद, गुस्से में की हत्या

पुलिस के मुताबिक, गंगोत्री यादव ने जमीन खरीदने के लिए करीब 4 लाख रुपये जुटाए थे। इस रकम की जानकारी अनिल को भी थी और वह लगातार इन पैसों को व्यापार में लगाने का दबाव बना रहा था। रविवार को इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। गुस्से में गंगोत्री ने अनिल को थप्पड़ मार दिया, जिससे नाराज होकर अनिल ने उसे धक्का दे दिया। गिरने के बाद उसने गला दबाकर गंगोत्री की हत्या कर दी।

हत्या के बाद दुकान बंद कर फरार हुआ आरोपी

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने पहले पूरी दुकान का शटर बंद किया और मौके से फरार हो गया। वह अपने घर पहुंचा, कपड़े बदले और बिना किसी को जानकारी दिए दिल्ली के लिए निकल गया। दुकान के शटर से बदबू आने पर मामले का खुलासा हुआ।

आठ साल से साथ काम, पांच साल से थे करीबी संबंध

SP सिटी निमिष पाटील के मुताबिक, गंगोत्री यादव मूल रूप से महराजगंज जिले के पुरंदरपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली थीं, जबकि अनिल गुप्ता गोरखपुर के जगन्नाथपुर का निवासी है। दोनों पिछले आठ वर्षों से साथ काम कर रहे थे और पिछले पांच सालों से उनके बीच करीबी संबंध भी थे। गंगोत्री कर्ज लेकर अपना काम चला रही थीं और धीरे-धीरे पैसे जोड़कर जमीन खरीदने की योजना बना रही थीं।

शादी का दबाव भी बना विवाद की वजह

जांच में यह भी सामने आया है कि गंगोत्री ने अनिल पर शादी का दबाव बनाया था। हालांकि, अनिल पहले से शादीशुदा था और उसने यह बात छिपा रखी थी। जब गंगोत्री को इसकी जानकारी हुई, तो दोनों के रिश्तों में खटास आ गई। इसके बाद से उनके बीच तनाव बढ़ने लगा था।

परिजनों ने की तलाश, दुकान से आई बदबू

घटना के बाद जब गंगोत्री घर नहीं लौटी, तो उसके भाई रमेश यादव और उमाकांत यादव उसकी तलाश में जुटे। बुधवार को वे दुकान पहुंचे, जहां से बदबू आने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

लोकेशन ट्रैक कर पुलिस ने आरोपी को दबोचा

शुरूआती जांच में ही पुलिस का शक अनिल पर गया, लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रैक की। एक टीम दिल्ली के लिए रवाना हुई, जबकि दूसरी टीम ने पीछा करते हुए बस्ती जिले के हरैया टोल प्लाजा के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि

गुरुवार को 2 डॉक्टर्स के पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट में सिर पर चोट और गला दबाने से मौत की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसे लेकर वे महराजगंज रवाना हो गए।

आरोपी को जेल भेजा गया

पुलिस ने आरोपी अनिल गुप्ता को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और लोगों को झकझोर कर रख दिया है।