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Big Breaking गोरखपुर विवि में बीए और बीएससी के गणित का पेपर आउट!

मंगलवार को सुबह की पाली में होने वाला पेपर पहले ही आया बाहर
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और संबद्ध काॅलेजों की परीक्षा की शुचिता एक बार फिर सवालो के घेरे में है। मंगलवार को होने वाली बीए/बीएससी प्रथम वर्ष के गणित का प्रथम प्रश्न-पत्र परीक्षा के एक दिन पहले ही आउट हो चुका है। पेपर आउट की जानकारी होते ही विवि प्रशासन ने आनन-फानन में पेपर निरस्त कर दिया।

हालांकि, विवि की ओर से जारी बयान में पेपर आउट होने बात स्वीकार नहीं की जा रही। विवि के पीआरओ प्रो.हर्ष कुमार सिन्हा ने बताया कि मंगलवार को सुबह की पाली में होने वाली बीए/बीएससी प्रथम वर्ष की गणित प्रथम पेपर की परीक्षा को अपरिहार्य कारणों से निरस्त कर दी गई है। नई तिथि बाद में घोषित की जाएगी।
बता दें कि गोरखपुर विवि आैर संबद्घ काॅलेजों की परीक्षाएं इन दिनों चल रही। पहले दिन से ही नकलविहीन परीक्षा कराए जाने की पोल खुल रही है। पहले सेंटर बनाने के नाम पर शिक्षा माफियाआें के दखल, फिर परीक्षा शुरू होते ही नकल कराने की एवज में सुविधा शुल्क की वसूली की मांग वाले कर्इ कर्इ आॅडियो वायरल होने के बाद सोमवार को पेपर आउट हो गया। मंगलवार को बीए/बीएससी प्रथम वर्ष की गणित का पहला पेपर था। सुबह की पाली में होने वाली इस परीक्षा का पेपर एक दिन पहले ही बाहर आ गया। पहले से यह मामला काफी गुपचुप रहा। लेकिन देर शाम तक पेपर आउट होने की सूचना आम हो गयी।

प्रथम दृष्टया तो पेपर लीक को अफवाह करार देते रहे। पेपर लीक की बात सामने आते ही सच्चार्इ जानने के लिए यूनिवर्सिटी के जिम्मेदारों के पास फोन घनघनाने लगे। देर रात तक पेपर आउट होने की चर्चा बनी रही। पर अचानक से पेपर भी वायरल हो गया। लेकिन विवि का कोई भी जिम्मेदार कुछ भी बोलने से इंकार करता रहा। सबसे अच्छी बात यह कि पेपर आउट होने सूचना जैसे ही आम हुई विवि ने तत्काल पेपर को निरस्त करने का निर्णय जारी कर दिया।

इस पूरे प्रकरण पर गुआक्टा ने विवि प्रशासन आैर कुलपति पर निशाना साधा है। गुआक्टा के अध्यक्ष डाॅ.एसएन शर्मा ने कहा कि गोरखपुर विवि की परीक्षा व्यवस्था शिक्षा माफियाआें की चंगुल में है। कुलपति अपनी जिम्मेदारियों से भाग नहीं सकते। इसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार हैं।