
गोरखपुर। राजनीति में न तो कोई स्थायी दोस्त होता है न ही कोई दुश्मन। यही नहीं राजनीति में हर मुलाकात और बात के कुछ मायने भी जरूर होते हैं। कब किसको कौन सी विचारधारा प्रभावित कर दे आैर कौन राजनेता किस सुर में अलापने लगे यह अनुमान लगाना भी दुष्कर कार्य है। शनिवार को जब कर्नाटक चुनाव, पीएम मोदी की नेपाल यात्रा आैर सीएम योगी के अयोध्या पहुंच रामायण सर्किट के विकास पर देश-दुनिया की निगाह टिकी हुर्इ थी तब गोरखपुर में बीजेपी के दिग्गज विधायक डाॅ.राधा मोहन दास अग्रवाल के घर अचानक से शिवपाल यादव की मौजूदगी राजनीतिक पंडितों की पेसानी पर बल डाल रही थी। सूबे की राजधानी से तीन सौ किलोमीटर दूर इस मुलाकात की वजह चाहें जो भी रही हो लेकिन राजनैतिक गलियारों में तरह-तरह के निहितार्थ निकाले जाने लगे हैं।
शिवपाल सपा के लिए हैं सक्रिय तो डाॅ.राधामोहन बीजेपी सरकार में बड़ी जिम्मेदारी के थे दावेदार
समाजवादी पार्टी में शिवपाल यादव फिर से सक्रिय हो गए हैं तो भाजपा से गोरखपुर से अजेय विधायक डाॅ.राधामोहन दास अग्रवाल को अपनी सरकार में बड़ी जिम्मेदारी का इंतजार है। सपा में सक्रिय होने के बाद गोरखपुर क्षेत्र में शुक्रवार को पूर्व मंत्री शिवपाल यादव पहुंचे थे। कई कार्यक्रमों में शिरकत करने के बाद वह बीजेपी के सदर विधायक डाॅ.राधा मोहन दास अग्रवाल से भी मिले। खुद सदर विधायक डाॅ.राधामोहन दास अग्रवाल ने अपने फेसबुक पेज पर मुलाकात के क्षणों की फोटो शेयर की है। उन्होंने लिखा भी है कि सपा नेता शिवपाल सिंह यादव गोरखपुर में एक वैवाहिक कार्यक्रम में गोरखपुर आए थे। मुलाकात हुई। अगले दिन लखनउ रवाना होने के पहले मेरे घर भी आए थे।
इस मुलाकात के दौरान शिवपाल यादव ने बीजेपी के सदर विधायक के घर नाश्ता भी किया।
उनके साथ बाहुबली पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी के भाई अजीत मणि त्रिपाठी व सपा के पूर्व प्रवक्ता दीपक मिश्र भी थे। इस मुलाकात के कई निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। राजनैतिक गलियारे में तरह-तरह की चर्चाएं भी है।
उधर, बीजेपी के सदर विधायक आरएमडी के घर सपा नेता शिवपाल के पहुंचने की तस्वीरें शेयर होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस भी शुरू हो चुकी है। कोई इसके राजनैतिक निहितार्थ निकाल रहा तो कोई इस मुलाकात को राजनैतिक परिपक्कता करार दे एक स्वस्थ राजनीति करार दे रहा।
राजनैतिक अस्पृश्यता को वह नहीं मानते
हालांकि, जब इस मुलाकात की वजह प्रदेश में उभर रहे नए समीकरण को बता दिया गया तो स्वयं नगर विधायक डाॅ.राधा मोहन दास अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर मोर्चा संभाल लिया। सदर विधायक ने बहस-मुहाबिसों के बीच फेसबुक पर ही विरोधियों को जवाब दिया। उन्होंने लिखा कि वह राजनैतिक अस्पृश्यता में विश्वास नहीं रखते। गोरखपुर के लोग उनके बारे में भलीभांति जानते हैं।
Published on:
13 May 2018 03:01 am
