2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गोरखपुर

VIDEO ढार्इ दशक बाद एकसाथ आए दो धुर विरोधी दल, नए राजनैतिक समीकरण से भाजपा को हो सकती परेशानी

गोरखपुर में बसपा के कोआर्डिनेटर घनश्याम खरवार, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव, निषाद दल के डाॅ.संजय निशाद एक मंच पर

Google source verification

गोरखपुर। लोकसभा उपचुनाव के लिए समाजवादी पार्टी- बहुजन समाज पार्टी एक साथ आ चुके हैं। रविवार को दोनों दलों के बीच हुए एका का औपचारिक ऐलान किया गया। इस नए समीकरण से सियासी हलकों में भूचाल सा आ गया है। उपचुनाव को लेकर तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
रविवार को गोरखपुर में बसपा के कोआर्डिनेटर घनश्याम खरवार, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव, निषाद दल के डाॅ.संजय निषाद एक मंच पर आकर नए गठबंधन का ऐलान किया।
https://www.patrika.com/gorakhpur-news/nishad-vote-bank-will-decide-election-scenario-of-political-parties-1-2441926/

राजनीति को समझने वाले यह मानते हैं कि बसपा और सपा के एक साथ आने सियासी क्षेत्र में बड़े बदलाव की संभावना है। सबसे अहम यह कि यादव-मुस्लिम वोटबैंक वाले सपा को दलितों का एकमुश्त वोट मिलने से कई अन्य राजनैतिक दलों की चूलें हिल सकती है।

https://www.patrika.com/gorakhpur-news/yogi-adityanath-second-phase-campaign-in-by-election-scheduled-2441928/
गोरखपुर संसदीय क्षेत्र की राजनीतिक सियासत में पिछडे़ वोट बैंक का बहुत ही महत्व है। दलित बाहुल्य इस क्षेत्र में यादव व मुसलमान मतदाताओं की भी बहुलता है। चूंकि,निषाद समुदाय के नेता डाॅ.संजय निषाद की पार्टी का सपा को समर्थन प्राप्त है। साथ ही मुसलमानों को राजनीतिक प्लेटफार्म देने वाले पीस पार्टी के नेता डाॅ.अयूब भी समर्थन में हैं। ऐसे में बसपा के साथ आने से भाजपा को रणनीतिक रूप से नुकसान उठाना पड़ सकता है।

https://www.patrika.com/gorakhpur-news/biggest-political-change-after-few-minutes-1-2442805/

दलित वोट बैंक का इस संसदीय क्षेत्र में महत्व को इस तरह से भी समझा जा सकता है कि दो बड़ी बिरादरी ठाकुर और ब्राह्मण के एक मंच पर साथ आने के बाद भी भाजपा निषाद बिरादरी के वोट बैंक में सेंधमारी की हर जुगत लगा रही। आज इसीलिए अनुसूचित जाति सम्मेलन कराया जा रहा ताकि दलित वोट का कुछ हिस्सा बटोरा जा सके।

https://www.patrika.com/gorakhpur-news/biggest-political-change-after-few-minutes-meeting-started-1-2443317/
हालांकि, सपा-बसपा के साथ आने और छोटे दलों के समर्थन से सियासी तौर पर किसका नफा और किसको नुकसान होगा यह आने वाला समय तय करेगा लेकिन एक बात तो साफ है कि इस नए समीकरण के संकेत ने कई मजबूत दलों के होश जरूर उड़ा दिए हैं।

बड़ी खबरें

View All

गोरखपुर

उत्तर प्रदेश