
बहन पर डाली गलत नजर तो मां, बेटे व बेटी को मार डाला
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर ओमीक्रॉन-2 में हुए तिहरे हत्याकांड का मंगलवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी मनीष है। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी की बहन पर गलत नजर रखने के कारण इस तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
बहन पर रखता था गलत निगाह
पुलिस के अनुसार, मुख्य अारोपी मनीष ने बताया है कि सेक्टर ओमीक्रॉन-2 निवासी कृष्ण यादव उसकी बहन पर गलत निगाह रखता था। उसने कृष्ण को कई बार समझाया पर वह जब नहीं माना तब उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 20 जुलाई को उसकी हत्या कर दी। उसके साथ ही आरोपियों ने कृष्ण की मां और बहन को भी मार डाला। हालांकि, बहन का शव अभी नहीं मिला है। आरोपी हत्या को लूट का एंगल देने के लिए जेवर भी साथ ले गए। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड और चाकू बरामद कर लिया है। पुलिस ने घर से लूटे गए गहने भी बरामद कर लिए हैं।
चार साथियों के साथ मिलकर की वारदात
सूरजपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि गाजियाबाद के लोनी का भूपखेड़ी निवासी मनीष मुख्य आरोपी है। उसने बताया कि सेक्टर ओमीक्रॉन-2 निवासी कृष्ण यादव उसकी बहन पर गलत निगाह रखता था। उसने कृष्ण को कई बार समझाया लेकिन वह नहीं माना। आखिर मनीष ने अपने चार साथियों के साथ उसको खत्म करने की योजना बनाई।
रात में पहुंचा कृष्ण के घर
मनीष अपने साथियों गाजियाबाद के लोनी निवासी बिट्टू, ग्रेटर नोएडा के सिरसा खानपुर निवासी प्रवीण भाटी, ग्रेटर नोएडा के दलेलगढ़ निवासी अंकित भाटी और दादरी के डबरा निवासी तरुण लोहिया के साथ 19 जुलाई की रात कृष्ण यादव के घर पहुंच गया। दरवाजा खटखटाने पर कृष्ण की मां मंजू ने दरवाजा खोला। दरवाजा खुलते ही उन्होंने रॉड और चाकू से वारकर मंजू की हत्या कर दी। इस बीच कृष्ण और उसकी बहन प्रियंका भी जाग गए। उन्होंने कृष्ण की हत्या करने के बाद प्रियंका पर हमला कर दिया। इस बीच प्रियंका उनसे जान की भीख मांगती रही लेकिन उन्होंने उसकी भी हत्या कर दी।
कृष्ण की कार का किया इस्तेमाल
तीनों की हत्या करने के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए कृष्ण की कार का ही इस्तेमाल किया गया। पहले कृष्ण और प्रियंका के शव को गाड़ी में डालकर बिलासपुर नहर में फेंक दिया गया। गाड़ी में जगह न बचने पर उन्होंने मंजू के शव को बाद में ठिकाने लगाने का प्लान बनाया लेकिन उजाला हो जाने की वजह से वे ऐसा नहीं कर सके।
लूट के लिए हत्या का दिया रूप
पुलिस ने बताया कि इसे लूट के लिए हत्या का रूप देने के मकसद से उन्होंने घर में रखे गहने उठा लिए। जेवरों को पांचों आरोपियों ने आपस में बांट लिया था। नहर कोठी पुल के पास से सभी आरोपियों को पुलिस ने कार समेत गिरफ्तार कर लिया। कार की तलाशी के दौरान हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड और चाकू बरामद किया गया है। मनीष ग्रेटर नोएडा के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में बीसीए कर रहा है जबकि कृष्णकांत उसका क्लासमेट था। तरुण दनकौर के एक कॉलेज से स्नातक कर रहा है।
19 जुलाई को की वारदात
वहीं, पुलिस को अभी तक प्रियंका का शव नहीं मिला है। उसकी तलाश की जा रही है। आपको बता दें कि मंजू का पति प्रमोद कुछ महीने से अलग रह रहा था। मंजू अपने दोनों बच्चों 20 साल के कृष्ण यादव और 18 साल की प्रियंका के साथ रह रही थी। 19 जुलाई को तीनों की हत्या कर दी गई थी।
Published on:
25 Jul 2018 12:22 pm
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