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रियो और लंदन में इस दिव्यांग ने किया था कमाल, अब मिलेगा अर्जुन अवार्ड

वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल हासिल करने वाले वरुण भाटी को अर्जुन अवार्ड के लिए नोमीनेट किया गया है
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Rajkumar Pal

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Updated: 4 Aug 2017, 6:50 PM IST

varun bhati

ग्रेटर नोएडा। रियो ओलंपिक और वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल हासिल करने वाले वरुण भाटी को अर्जुन अवार्ड के लिए नोमीनेट किया गया है। वरुण भाटी को 28 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में अवार्ड से सम्मानित किया जाना है। वरुण कभी बास्केटबॉल का प्लेयर हुआ करता था, आज हाईजंप में खुद के लिए एक मुकाम हासिल किया है। दरअसल में स्टेट और नेशनल चैंपियनशिप में दिव्यांग होने की वजह से मौका नहीं मिल सका। कोच मनीष त्रिपाठी की माने तो बास्केटबॉल में हाईजंप अच्छा किया करते थे, जिसकी वजह से उन्हें हाईजंप के लिए प्रेरित किया।

ऐसे किया सफर तय

शहर के प्रज्ञान स्कूल में 2010 में जोनल लेवल पर आईसीएसई चौंपियनशिप का आयोजन किया गया था। इस चैंपियनशिप में वरुण भाटी ने 1.45 मीटर हाई जंप कर सिल्वर मेडल जीता था। उसके बाद में एक से एक उपलब्धी हासिल की और आज अर्जुन अवार्ड से सम्मानित होंगे। इस उपलब्धी से दिव्यांगोंं के साथ-साथ युवाओं के लिए भी प्रेरणा श्रोत बने हैं।

रियो से लंदन तक

सितंबर 2016 में वरुण ने रियो पैरा ओलंपिक गेम्स में 1.86 मीटर हाईजंप में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था। वहीं जुलाई 2017 में लंदन में आयोजित हुई वर्ल्ड पैरा ओलंपिक चैंपियनशिप में ब्रांन्ज मेडल हासिल किया था।

जाना जाता है यह गांव

मूलरुप से जमालपुर के रहने वाले वरुण फिलहाल पाई-3 सेक्टर में रहते हैं। इस गांव में जिले का सबसे पुराना अखाड़ा है। अखाड़े से कई प्लेयर वर्ल्ड को जीत चुके हैं। राजेश भाटी ने भी वर्ल्ड पुलिस चैंपियनशिप में मेडल हासिल किया था। वरुण के पिता पिता हेमराज भाटी ने बताया कि बेटा ने देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि वरुण के पैर में चोट लगने के बाद भी जज्बा कायम रखा। कोच मनीष त्रिपाठी ने बताया कि वरुण में पहले से ही अलग करने का जज्बा था।

विदेेशी प्लेयर्स से नहीं डरते वरुण

वरुण भाटी ने सेंट जोसेफ स्कूल से 10वीं क्लास में 82 पर्सेंट और 12वीं क्लास में 69 पर्सेंट नंबर हासिल किए थे। दिल्ली यूनिवर्सिटी बीएससी की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के साथ-साथ खेल पर भी ध्यान दिया। वरुण भाटी नेे बताया कि उन्हें कभी विदेशियों से डर नहीं लगता है। उन्होंने बताया कि भारत के ही प्लेयर्स कॉम्पिटिटर हैं।

ये हासिल की उपलब्धि

- अगस्त 2010 में ग्रेटर नोएडा के प्रज्ञान स्कूल में हुई आईसीएसई चैंपियनशिप में जोनल लेवल पर 1.45 मीटर हाई जंप कर सिल्वर मेडल जीता।
- अक्टूबर 2010 में आगरा में हुई एथलेटिक स्टेट लेवल चैंपियनशिप में 1.45 मीटर की हाई जंप कर पांचवा रैंक हासिल किया।
- 2012 में रांची में हुई आईसीएससी एथलेटिक नैशनल चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और गोल्ड पर कब्जा जमाया।
- मार्च 2012 में बेंगलुरु के सेंटेरवा स्टेडियम में हुई पैरालंपिक चैंपियनशिप में 1.60 मीटर की हाई जंप कर गोल्ड मेडल हासिल किया।
- मार्च 2013 में बेंगलुरु में हुई पैराएथलेटिक में 1.74 मीटर की हाई जंप के बाद गोल्ड मेडल जीता।
- सितंबर 2013 में श्रीलंका में हुई आर्मी पैरागेम्स में 1.74 मीटर हाई जंप कर गोल्ड मेडल जीता।
- सितंबर 2016 में रियो पैरा ओेलपिंक गेम्स 2016 में 1.86 मीटर के रेकॉर्ड के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।
- जुलाई 2017 में लंदन में हुई वर्ल्ड पैरा ओलंपिक चैंपियनशिप में ब्रांन्ज मेडल हासिल किया।