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सऊदी अरब के सैन्य ठिकानों पर यमन के विद्रोहियों का हमला

यमन के हौती विद्रोहियों ने एक बार फिर सऊदी अरब को निशाना बनाया है। इस हमले में अभी तक किसी नुकसान की खबर नही है।

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सऊदी अरब के सैन्य ठिकानों पर यमन के विद्रोहियों का हमला

सनाः यमन के हौती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी सीमावर्ती शहर खामिस मुशैत के एक सैन्य राडार शिविर पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी। हौती विद्रोहियों के दावे के अनुसार मिसाइल से सैन्य ठिकाने को नुकसान हुआ है। सऊदी अरब पिछले तीन सालों से यमन की निर्वासित सरकार के समर्थन में हौती विद्रोहियों के खिलाफ अरब सैन्य गठबंधन का नेतृत्व कर रहा है। सऊदी अरब के सीमावर्ती शहर इस तरह के मिसाइल हमलों में सबसे अधिक निशाने पर रहे हैं। इससे पहले हौती विद्रोहियों ने मंगलवार को दक्षिणी सऊदी शहर जजान के किंग फैजल सैन्य अड्डे पर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी, लेकिन सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा था कि मिसाइल को मार गिराया गया।

हौती के समर्थन में ईरान
सऊदी अरब अक्सर आरोप लगाता रहा है कि हौती विद्रोहियों और ईरान के बीच सांठ-गांठ है। सऊदी अरब का आरोप है कि ईरान ही एक ऐसा देश है जो यमन के हौती विद्रोहियों को हथियार मुहैया करा रहा है। इसी वजह से सऊदी अरब और ईरान के बीच रिश्ते हमेशा से खराब रहे हैं। यमन के गृहयुद्ध के समय राजधानी सना और देश के अन्य हिस्सों पर इन विद्रोहियों ने कब्जा कर लिया था लेकिन सऊदी अरब के सहयोग से यमन ने इन विद्रोहियों पर विजय प्राप्त की।
क्या है विवाद की जड़
दरअसल हौती विद्रोही यमन में उत्तरी इलाके के शिया मुसलमान हैं। विद्रोहियों का आरोप है कि सरकार में भ्रष्टाचार है। ये लोग अलग देश की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार इनकी मांग नहीं मान रही है। इसी वजह से हौती विद्रोही सत्ता को बेदखल करने के लिए संघर्ष छेड़े हुए हैं। यमन की सत्ता पर बैठे शीर्ष लोगों की मदद सऊदी अरब कर रहा है। सत्ता की इस लड़ाई में आंदोलन शुरू होने से लेकर हजारों लोग अब तक मारे जा चुके हैं।