
'बिना पेड़ स्मार्ट सिटी किस काम की', त्रिपुरा में पेड़ काटे जाने के खिलाफ युवाओं का आंदोलन
(अगरतला,सुवालाल जांगु): त्रिपुरा की राजधानी अगरतला को स्मार्ट सिटी बनाने के क्रम में सैकड़ों पेड़ों के काटे जाने के खिलाफ युवाओं ने आंदोलन शुरु कर दिया है। प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना है कि एक तरफ हम पेड़ लगा कर विश्व पर्यावरण दिवस मनाते है, दूसरी ओर स्मार्ट सिटी बनाने के लिए पेड़ों को कट रहे हैं। किसी भी देश का विकास पर्यावरण की परवाह किए बिना पूरा नही हो सकता हैं। स्मार्ट सिटी के नाम पर ग्रीन सिटी की बजाए हम कंक्रीट की सिटी की ओर बढ़ रहे हैं।
दरअसल अगरतला के नोर्थगेट क्षेत्र जो वीआईपी रोड से सटा हुआ हैं, में सैकड़ों पेड़ काटे जा रहे हैं। इस संबंध में पश्चिम त्रिपुरा जिला वन विभाग को पेड़ काटने के लिए संबंधित सरकारी एजेंसी ने आदेश दिए हैं। पश्चिम त्रिपुरा जिला वन अधिकारी शक्तिकान्त सिंह ने बताया कि अगरतला नगर निगम ने पेड़ों को काटने का निवेदन किया था। एएमसी के अधिकारियों का कहना हैं पेड़ों कि वजह से जल निकासी प्रणाली सफल नहीं हो रही हैं। बाढ़ के समय पानी की निकासी में पेड़ बाधक बनते हैं। पानी की निकासी की व्यवस्था करने के लिए बीच में आ रहे पेड़ों को काटा जा रहा है। अगरतला का नोर्थगेट क्षेत्र वनभूमि नहीं हैं बल्कि यह अगरतला नगर निगम (एएमसी) की जमीन हैं।
दशकों पुराने पेड़ों को काटने के विरोध में अगरतला शहर के युवा बिना किसी संगठन नेतृत्व के स्वयं ही सडक़ पर उतर आए हैं। अगरतला नगर निगम के कदम के खिलाफ़ युवाओं में रोष हैं। छात्रों का कहना हैं कि हमें स्मार्ट सिटी की जरूरत नहीं हैं। पेड़ों को काट के कंक्रीट और कांच की स्मार्ट सिटी बनाई जा रही हैं। बिना पेड़ों के स्मार्ट सिटी बनाई जा रही हैं। छात्रों का कहना हैं कि अगर एएमसी ने पेड़ों को काटना नहीं रोका तो हम चिपको आंदोलन करेंगे।
Published on:
05 Jan 2020 05:19 pm
बड़ी खबरें
View Allगुवाहाटी
असम
ट्रेंडिंग
