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105 साल पुराना मंदिर, 100 करोड़ से अधिक कीमत के आभूषण, हर साल आते हैं एक लाख से ज्यादा यहां भक्त

रियासत कालीन 105 वर्ष पुराने फूलबाग स्थित गोपाल मंदिर में जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण और राधा जी का 100 करोड़ से अधिक कीमत के आभूषणों से शृंगार किया जाएगा। नगर निगम ने तैयारियां प्रारंभ ...

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gopal mandir, gwalior

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ग्वालियर. रियासत कालीन 105 वर्ष पुराने फूलबाग स्थित गोपाल मंदिर में जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण और राधा जी का 100 करोड़ से अधिक कीमत के आभूषणों से शृंगार किया जाएगा। नगर निगम ने तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण और राधा जी के दर्शन करने के लिए एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।

निगम अधिकारी ने बताया, जन्माष्टमी पर 16 अगस्त को सुबह 10 बजे गठित कमेटी कड़ी सुरक्षा में सेंट्रल बैंक के लॉकर से आभूषणों निकालकर लाएगी। इसके बाद भगवान का श्रृंगार कर आभूषण पहनाकर पूजा-अर्चना होगी, उसके बाद श्रद्धालुओं को दर्शन करने के लिए भगवान के पट खोल दि जाएंगे। रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के बाद कड़ी सुरक्षा में आभूषणों को ल ेजाकर बैंक लॉकर में रखा जाएगा। इस दौरान 200 पुलिसकर्मी व सीसीटीवी कैमरे लगाकर पल-पल की वीडियो ग्राफी कराई जाएगी।

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ये हैं बेशकीमती गहने, जिनसे होगा शृंगार

सफेद मोती वाला पंचगढ़ी हार, सात लड़ी हार, सोने के तोड़े, सोने का मुकुट, हीरे जड़े कंगन, हीरे व सोने की बांसुरी, 249 शुद्ध मोतियों की माला, राधा का ऐतिहासिक पुखराज और माणिक जड़ित पंख वाला तीन किलो का मुकुट, श्रीजी, राधा के झुमके, सोने की नथ, कण्ठी, चूड़ियां, कड़े, 50 किलो के चांदी के बर्तन, समई, इत्र दान, पिचकारी, धूपदान, चलनी, सांकड़ी, प्रतिमा का विशाल चांदी का छत्र, मुकुट, गिलास, कटोरी निरंजनी सहित बेशकीमती गहने राधा-कृष्ण को पहनाए जाएंगे।

ङ्क्षसधिया घराने ने 1921 में बनवाए थे बेशकीमती आभूषण

सिंधिया राजवंश द्वारा फूलबाग में गोपाल मंदिर का निर्माण कराकर श्रीराधा-कृष्ण की मूर्तियां स्थापित कराई गई थीं। यह बेशकीमती ज्वैलरी सिंधिया रियासत के तत्कालीन महाराजा माधौराव ने 1921 में मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद बनवाई थी। वर्ष 2007 से इन्हें जन्माष्टमी के दिन बैंक लॉकर से निकालकर राधाकृष्ण का श्रृंगार कर किया जाता है। 18 साल से यह परंपरा चली आ रही है।