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इंटरनेशनल सुविधाओं से लैस होगा एयरपोर्ट, एक साथ उतरेंगे यहां 19 विमान

नए एयरपोर्ट पर होंगे 19 एप्रिन, 1400 यात्रियों की क्षमता, नए टैक्सी वे पर उतर सकेंगे बोइंग 777 विमान

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Airport with international facilities

Airport with international facilities

ग्वालियर. जिलेवासियों को जल्द ही ऐसे हाइटेक एयरपोर्ट की सौगात मिलने जा रही है, जिसमें इंटनेशनल एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होंगी, इसी के साथ भविष्य को देखते हुए मुरैना में भी एक हजार एकड़ जगह की तलाश की जाएगी। वहीं अब देश के किसी भी कौने में ड्रोन भी उड़ाए जा सकेंगे।

19 विमान करेंगे एक साथ लैंड

यह बात केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कही, वे मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि ग्वालियर को अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं वाल नया एयरपोर्ट साल 2023 तक मिलेगा। एयरपोर्ट पर 19 एप्रिन होंगे। इसके तैयार होने पर एयरपोर्ट की क्षमता 1400 यात्री प्रतिदिन की हो जाएगी। इसके साथ ही एयरपोर्ट पर नया टैक्सी वे भी बनाया जाएगा। ताकि बोइंग 777 जैसे विमान भी आसानी से उतर सकेंगे। 2 लाख वर्गफीट के क्षेत्रफल में बनने वाले नए टर्मिनल पर 19 विमान एक साथ लैंड कर सकेंगे।

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जेसी मिल के 711 श्रमिकों को मिलेंगे पट्टे

उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखकर मुरैना में भी एक हजार एकड़ जगह की तलाश की जाएगी। यात्री सुविधाओं के साथ एयरपोर्ट पर कार्गो सुविधा भी विकसित होगी, जिसकी क्षमता 20 हजार मीट्रिक टन होगी। सिंधिया ने कहा कि मोदी सरकार ने देश को 67 एयरपोर्ट दिए हैं, जबकि कांग्रेस 70 वर्ष में 77 एयरपोर्ट ही देश को दे सकी थी। उन्होंने बताया कि जेसी मिल के 711 श्रमिकों को जल्द ही 10 हैक्टेयर भूमि पर पट्टे मिल जाएंगे। इसके लिए लिस्टिंग की जा रही है।

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10 पास विद्यार्थी बन सकेगा ड्रोन का पायलट

सिंधिया ने बताया कि देश के किसी भी कौने में अब ड्रोन उड़ाए जा सकेंगे। 10 वीं कक्षा उत्तीर्ण छात्र भी ड्रोन पायलट बन सकेगा। इसके लिए प्रशिक्षण उपरांत 15 दिन में उड्डयन विभाग लाइसेंस देगा। इस प्रशिक्षण और लाइसेंस के जरिये देश के युवा 30 हजार रुपए तक प्रति महीना कमा सकेगा। उन्होंने बताया कि ड्रोन परिचालन के लिए भरे जाने वाले आवश्यक प्रपत्रों की संख्या भी सरकार ने 25 से घटाकर 5 कर दी है और लिए जाने वाले शुल्क के प्रकारों की संख्या 72 से घटाकर 4 कर दी है। रक्षा और गृह मंत्रालय और नागरिक उड्डयन प्रौद्योगिकी ब्यूरो ड्रोन रोधी तकनीक पर काम कर रहे हैं।