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घुसपैठ से एंट्री, बोधगया में मुलाकात, फिर शहरों में फेरा लगाकर एमपी बना ठिकाना

चोरी से बॉर्डर क्रॉस कर प्रदेश को सुरक्षित पनाहगाह बनाने वाले बांग्लादेशी घुसपैठियों ने सिस्टम के साथ धर्म का चोला ओढ़कर बौद्ध धर्म के लोगों को भी धोखा दिया है। कानून की जद में आए चार बांग्लादेशी घुसपैठिए अब सलाखों से बाहर निकलने के लिए जमानत हासिल करने के लिए जोड़-तोड़ लगा रहे हैं। अभी तक जांच में सामने आ चुका है कि बांग्लादेशियों ने स्लीपर सेल के जरिए सुनियोजित तरीके से बोधगया तक नेटवर्क जमाया है।
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ग्वालियर. चोरी से बॉर्डर क्रॉस कर प्रदेश को सुरक्षित पनाहगाह बनाने वाले बांग्लादेशी घुसपैठियों ने सिस्टम के साथ धर्म का चोला ओढ़कर बौद्ध धर्म के लोगों को भी धोखा दिया है। कानून की जद में आए चार बांग्लादेशी घुसपैठिए अब सलाखों से बाहर निकलने के लिए जमानत हासिल करने के लिए जोड़-तोड़ लगा रहे हैं। अभी तक जांच में सामने आ चुका है कि बांग्लादेशियों ने स्लीपर सेल के जरिए सुनियोजित तरीके से बोधगया तक नेटवर्क जमाया है। घुसपैठियों ने बॉर्डर क्रॉस कर पश्चिम बंगाल के रास्ते बोधगया में पहला ठिकाना बनाया। यहां से मददगारों के जरिए कई बौद्ध धर्म के अनुयायियों में घुसपैठ की और उन्हें धोखा देकर धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर कई प्रदेशों के दौरे कर बौद्ध मठों और बौद्ध विहारों को सुरक्षित ठिकाना बनाया। इन राजदारों के जरिए फर्जी पहचान पत्र बनवाए।

जहां गए, वहां आधार अपडेट कराया
डबरा के एक पते पर फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले 17 बांग्लादेशियों की पहचान हो चुकी है। इनके दस्तावेजों की जांच में पता चला है कि घुसपैठिए जिन-जिन शहरों में ठहरे, वहां इनका नेटवर्क मौजूद रहा है। ङ्क्षसडिकेट के जरिए घुसपैठिए सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए आधार कार्ड में उसी शहर का पता अपडेट कराते रहे हैं। पकड़े गए मास्टरमाइंड रियाल चौधरी उर्फ मित्यानंद स्वामी, विप्लव अधिकारी, जॉय चौधरी और प्रयान राय के आधार कार्ड में कई शहरों के पते अपडेट होने का ब्यौरा मिला है।

प्रदेश मुफीद ठिकाना क्यों
एसटीएफ को प्रदेश में फर्जी दस्तावेजों से 70 बांग्लादेशियों के पासपोर्ट बनवाने का ब्यौरा मिल चुका है। उन कियोस्क सेंटरों, साइबर कैफे और स्थानीय मददगारों की सूची भी तैयार हो चुकी है, जिन्होंने बिना वैध पुष्टि के इन संदिग्धों के पहचान पत्रों में बार-बार पते बदलवाने और नए कार्ड जारी कराने में मदद की।

बॉर्डर से एमपी तक 4 चरणों का खेल
चरण 1 - अवैध प्रवेश:
भारत-बांग्लादेश सीमा स्थानीय दलालों की मदद से क्रॉस की।
चरण 2 - बोधगया में मुलाकात : धार्मिक पर्यटन स्थल की आड़ में स्लीपर सेल से मुलाकात, आगे की कार्ययोजना और बौद्ध धर्म के अनुयायियों को धोखा देकर घुसपैठ।
चरण 3 - शहरों में आवाजाही व पहचान परिवर्तन: पश्चिम बंगाल, झारखंड व यूपी के कई छोटे-बड़े शहरों में पड़ाव, हर शहर में आधार कार्ड का पता अपडेट करवाया।
चरण 4 - मध्य प्रदेश में ठिकाना : कई शहरों में फेरा लगाकर यहां रहने के तौर-तरीके समझकर घुसपैठियों ने फर्जी पासपोर्ट बनवाने के लिए प्रदेश को मुफीद ठिकाना बनाया।