
(फोटो सोर्स: AI Image)
MP News: टेक्नोलॉजी में लगातार आ रहे बदलाव हमारे जीवन और समाज पर गहरा प्रभाव डाल रहे हैं। ये बदलाव नए अवसरों और चुनौतियों को पैदा कर रहे हैं। यही कारण है कि विद्यार्थियों में एआइ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की डिमांड तेजी से बढ़ी है। स्थिति यह है कि एमआईटीएस डीम्ड विवि में एआइ से संबंधित एआइ रैबिटिक, एआइ डेटासाइंस, एआईएमएल की सभी सीटें भरी जा चुकी हैं।
हालांकि दिसंबर 2024 में प्रदेश सरकार द्वारा आईआईटी दिल्ली के सहयोग से पीएम श्री कॉलेज (एसएलपी), ऑटोनोमस कॉलेज एमएलबी व केआरजी में ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा फिनटेक विद फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी के सर्टीफिकेट्स कोर्स शुरू कराया गया था, इसमें सीटें खाली रही थीं। लेकिन, एआई कोर्स की डिमांड को देखते हुए अब जल्द ही सर्टिफिकेट कोर्स में भी प्रवेश शुरू किया जाएगा।
एआइ इंजीनियर
डेटा साइंटिस्ट
मशीन लर्निंग इंजीनियर
रोबोटिक्स इंजीनियर
एआइ रिसर्चर
प्रोग्रामिंग कौशल
डेटा साइंस की जानकारी
मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग की जानकारी
एआइ टूल्स और तकनीकों का ज्ञान
समस्या समाधान की क्षमता का विकास करना चाहिए।
तकनीकी उन्नति
विभिन्न क्षेत्रों में अनुप्रयोग
करियर की संभावनाएं
समस्या समाधान की क्षमता
नवाचार और अनुसंधान
एआइ से संबंधित क्षेत्र
मशीन लर्निंग
डीप लर्निंग
नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग
कंप्यूटर विजन
रोबोटिक्स
एमआईटीएस में एआइ से संबंधित एआइ रैबिटिक, एआईडेटा साइंस व एआईएमएल की ब्रांच है। इनमें से लगभग सभी ब्रांचों की सीटें भरी जा चुकी हैं।- प्रो मनीष दीक्षित, जनसंपर्क अधिकारी एमआईटीएस
एआइ तकनीक की उन्नति और रोजगार के अधिक अवसर होने के चलते विद्यार्थी इसकी ओर लगातार आकर्षित हो रहे हैं। इससे अब एआइ के क्षेत्र में करियर बनाने की संभावनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। जल्द ही सर्टिफिकेट कोर्स में भी प्रवेश शुरू होंगे।- प्रो सरिता श्रीवास्तव, प्राचार्य केआरजी कॉलेज
Published on:
08 Aug 2025 01:15 pm
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