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निगम का काम छोड़ अपर आयुक्त के पति के शोरूम पर कर्मचारी कर रहे काम, सनसनीखेज आरोप

MP News: ग्वालियर निगम परिषद में भाजपा-कांग्रेस के पार्षद अब जनता के मुद्दों को छोड़ अपने मुद्दों पर बहस में लगे रहे। बैठक में पार्षद देवेन्द्र राठौर ने आरोप लगाते हुए कहा, निगम में अपर आयुक्त वित्त रजनी शुक्ला के पति के शोरूम पर निगम कर्मचारी ध्रुव सोलंकी व गौरव कुशवाह काम कर रहे हैं।

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Debate between chairman and councillor in gwalior

Debate between chairman and councillor in gwalior (फोटो सोर्स : पत्रिका)

MP News: ग्वालियर निगम परिषद में भाजपा-कांग्रेस के पार्षद अब जनता के मुद्दों को छोड़ अपने मुद्दों पर बहस में लगे रहे। बैठक में पार्षद देवेन्द्र राठौर ने आरोप लगाते हुए कहा, निगम में अपर आयुक्त वित्त रजनी शुक्ला के पति के शोरूम पर निगम कर्मचारी ध्रुव सोलंकी व गौरव कुशवाह काम कर रहे हैं, उनका वेतन निगम से निकल रहा। राठौर ने यह भी आरोप लगाया है कि अपर आयुक्त के पति ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। पार्षद राठौर ने कहा, अगर उन्हें कुछ होता है, तो इसकी जिम्मेदारी मैडम व उनके पति की होगी। इस मामले में अपर आयुक्त से बात की तो उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया।

26 अगस्त तक बैठक स्थगित

नेता प्रतिपक्ष ने सदन में निगमायुक्त के न होने पर बैठक को स्थगित करने की मांग की। तभी सभापति ने उनके प्रतिनिधि होने पर चर्चा के लिए कहा, लेकिन पार्षद अड़ गए। सभापति ने पार्षद मोहित को चेतावनी देने के साथ पार्षदों द्वारा सदन न चलने देने की इच्छा के लिए राज्य शासन पत्राचार की बात कर बैठक 26 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी।

जनता की आवाज उठाने सदन में आया हूं: पार्षद

परिषद की बैठक शुरू होते ही पार्षदों ने समस्याओं को लेकर चर्चा की मांग की। जिस पर सभापति ने पिछली बैठक में पर्याप्त चर्चा के बाद एजेंडे को पढ़ने के निर्देश सचिव को दिए। बैठक में निगमायुक्त संघप्रिय के न आने पर नेता प्रतिपक्ष हरिपाल, पार्षद ब्रजेश श्रीवास परिषद को स्थगित करने के लिए अड़े थे और पार्षद मोहित जाट ने निगम एक्ट की धारा 25 को पढ़ने की मांग सभापति से की, सभापति ने मोहित को बोलने का समय न देते हुए बैठने के लिए कहा, इस पर पार्षद ने कहा जनता की आवाज उठाने के लिए सदन में आया हूं और आप निगम एक्ट का हवाला देकर बोलने से रोक रहे हैं।

बात बिगड़ने पर नेता प्रतिपक्ष सहित अन्य पार्षदों ने मोहित को बैठा दिया। जिस पर सभापति ने कहा, वे चाहें तो धारा 36 के तहत सदन से बाहर अथवा संभागायुक्त को पत्र भेजकर सदस्यता भी समाप्त करवा सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं कर रहे। परिषद स्थगित होने के बाद नेता प्रतिपक्ष के बंद चेंबर में भी भाजपा पार्षदों के बीच जमकर मुंहवाद हुआ और सभापति द्वारा मनमानी करने व एक-दूसरे पर आरोप लगाने की बात भी कही।

पार्षदों में मुंहवाद

बैठक के बाद सभी पार्षद नेता प्रतिपक्ष हरिपाल के चेंबर में पहुंचे और दरवाजा बंद कर बहस करने लगे। पार्षदों में मुंहवाद होने पर जोर-जोर से चिल्लाने की आवाजें बाहर आने लगी। इस दौरान कुछ पार्षद यह कहते हुए सुनाई दिए की सदन में अब मनमानी हो रही है।