
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'दो वजहों से ग्वालियर से मेरा विशेष नाता रहा है। एक तो मैं काशी का सांसद हूं और काशी की सेवा करने में हमारी संस्कृति का संरक्षण करने में सिंधिया परिवार की बहुत बड़ी भूमिका रही है। सिंधिया परिवार ने गंगा किनारे कितने ही घाट बनवाए हैं। बीएचयू की स्थापना के लिए आर्थिक मदद की है। आज जिस प्रकार काशी का विकास हो रहा है। उसको देखकर महारानी बायजा बाई और महाराजा माधौराव की आत्माओं को कितनी प्रसन्नता होती होगी, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने आगे कहा कि ग्वालियर से कनेक्शन की दूसरी वजह भी बता देता हूं, हमारे ज्योतिरादित्य सिंधिया गुजरात के दामाद हैं। इस नाते भी ग्वालियर से मेरी रिश्तेदारी है। इसके साथ ही यह भी नाता है कि मेरा गांव गायकवाड़ स्टेट का गांव था। मेरे गांव में सबसे पहली प्राथमिक स्कूल गायकवाड़ परिवार ने बनाई। मैं भी वहां मुफ्त में प्राथमिक शिक्षा ग्रहण करता था।'
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को दुर्ग पर स्थापित सिंधिया स्कूल के 125वें स्थापना दिवस समारोह में शिरकत करने पहुंचे। यहां उन्होंने कहा, मेरी कोशिश युवा पीढ़ी के लिए सकारात्मक माहौल तैयार करना है, जिसमें अवसरों की कमी न हो। वह बड़े सपने देखे और पूरा भी करे। आज भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। भारत आपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। आपने तेजस की उड़ान देखी है। समंदर में आईएनएस विक्रांत की हुंकार देखी है। भारत हर क्षेत्र में आपके लिए नई संभावनाएं तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा, हमने संकल्प लिया है कि 25 वर्षों में देश को विकसित बनाकर दिखाएंगे। यह काम युवाओं को करना है। आपकी सामर्थ्य पर मेरा भरोसा है कि आप सपनों को संकल्प में बदलेंगे और इसे सिद्ध करने तक रुकेंगे नहीं। आने वाले साल आपके और भारत दोनों के लिए जरूरी हैं। इस मौके पर स्कूल के प्रशासक मंडल के मुखिया केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रधानमंत्री को चित्र प्रदर्शनी भी दिखाई। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद रहे। समारोह में मीत ब्रदर्स ने पीएम के लिखे गरबा गीत पर पहली बार उनके सामने प्रस्तुति दी।
ग्वालियर की धरती पीढ़ियों को प्रेरित करने वालों का निर्माण करने वाली है
प्रधानमंत्री ने कहा, मुझे ग्वालियर के गौरवमयी इतिहास से जुड़ने का अवसर मिला। ऋषि ग्वालिपा, संगीत सम्राट तानसेन, महादजी सिंधिया, राजमाता विजयाराजे, अटल बिहारी वाजपेयी और उस्ताद अमजद अली तक यह धरती पीढ़ियों को प्रेरित करने वालों का निर्माण करती रही है। यह धरती नारी शक्ति और वीरांगनाओं की तपोभूमि है। महारानी गंगाबाई ने इसी धरा पर अपने गहने बेचकर स्वराज हिन्द की सेना तैयार कराई थी। इसलिए ग्वालियर आना अपने आप में सुखद होता है। मेरा ग्वालियर से दो तरह से नाता है।
हम चैन से नहीं बैठेंगे
हमारे देश में जब तक एक भी गरीब ऐसा है जिसके पास गैस कनेक्शन नहीं, बैंक अकाउंट नहीं, घर नहीं, आयुष्मान कार्ड नहीं है, हम चेन से नहीं बैठेंगे। भारत से गरीबी दूर करने के लिए ये बहुत जरूरी है इसी रास्ते पर चलकर पांच सालों में ही साढ़े तेरह करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। इसी रास्ते पर चलकर भारत गरीबी दूर करके विकसित भी बनेगा। आज का भारत जो भी कर रहा है वो बड़े स्तर पर कर रहा है। आपको छोटा नहीं सोचना है, आपके सपने और संकल्प दोनों बड़े होना चाहिए। मैं यह भी बता दूं कि आपका सपना ही मेरा संकल्प है। आप अपने आइडिया, थोट्स नमो एप पर भी मेरे साथ शेयर कर सकते हैं और अब मैं व्हाट्सअप भी हूं। वहां भी आपसे कनेक्ट हो सकता हूं। आपके सीक्रेट भी शेयर कर सकते हैं। सिंधिया स्कूल सिर्फ एक संस्थान भर नहीं है, बल्कि एक विरासत है। माधौराव सिंधिया के संकल्पों को आजादी के पहले और बाद में निरंतर आगे बढ़ाया है अब इसकी ध्वजा आपके पास है। यह बात देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कही, वे शनिवार की शाम सिंधिया स्कूल के 125वे स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि की आसंद से उद्बोधन दे रहे थे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय नागरिक उड्डयन एवं इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ.जितेंद्र प्रसाद मौजूद थे।
अब तक के सरकार के काम भी गिनाए
मोदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले कि वर्ष 2014 में जब देश ने मुझे ये प्रधान सेवक का दायित्व दिया तो मेरे सामने भी दो विकल्प थे। या तो तात्कालिक या फिर लांग टर्म एप्रोच को अपनाएं। हमने तय किया कि अलग-अलग समय के हिसाब से काम करेंगे। आज हमारी सरकार को दस साल हो रहे हैं, इन दस वर्षों में देश ने लांग टर्म प्लानिंग के लिए फैसले लिए वो अभूतपूर्व हैं। उन्होंने बताया कि 60 साल से मांग हो रही थी कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल को हटाने का काम किया, 40 साल से पूर्व फौजियों को वन रेंक वन पेंशन की मांग, 40 साल से जीएसटी को लागू करने की मांग थी, दशकों से मुस्लिम महिलाएं तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाने की मांग भी हमारी सरकार ने ही बनाए। नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी हमारी सरकार ने बनाए। मेरे पास कामों की इतनी लंबी लिस्ट है कि पूरी रात बीत जाएगी। यदि सरकार ये फैसले नहीं लेती तो इसका बोझ आपकी जेनरेशन पर होता। मैंने आपकी कुछ जेनरेशन का कुछ बोझ कम कर दिया है। मेरी कोशिश यही है कि आज की जेनरेशन के लिए देश में एक बहुत पॉजिटिव माहौल बनाया जाए। जिसमें आपकी जनरेशन के लिए ऑपरचुनिटी की कोई कमी ना हो। एक ऐसा माहौल जिस पर भारत का युवा बड़े सपने देखे और उसे प्राप्त भी करे। यह बात इसलिए कह रहा हूं क्योंकि जब सिंधिया स्कूल अपने 150 वर्ष पूरे करेगा, ये माइलस्टोन पर होगा भारत की आजादी के 100 वर्ष। आज हमने संकल्प लिया है देश को विकसित बनाकर दिखाएंगे। ये आपको करना है। भारत की यंग जनरेशन को करना है। मेरा विश्वास है आप लोगों पर विश्वास है। आप युवाओं के सामथ्र्य पर मेरा विश्वास है। मैं आशा करता हूं कि आप इन सपनों को संकल्प बनाकर काम करेंगे। संकल्प सिद्धि प्राप्त करने तक रूकेंगे नहीं। अगले 25 वर्ष जितने जरूरी है उतने ही भारत के लिए भी जरूरी है। सिंधिया स्कूल के कई एलुमिनाई को मैं जानता हूं मोदी ने कहा कि सिंधिया स्कूल के हर छात्र का यह संकल्प लेना चाहिए कि मैं विकसित भारत बनाउंगा। मैं नेशन फस्र्ट की सोच कर इनोवेशन और काम करूंगा। मेरा इतना सिंधिया स्कूल पर इतना विश्वास क्यों है क्योंकि मैं यहां कई एलुमिनाई को करीब से जानता हूं। रेडियो पर आने वाले अमीन सयानी, मीत ब्रदर्स, हुड़हुड़ दबंग सलमान खान और मेरे मित्र नितिन मुकेश यहां बैठे हैं। सिंधिया स्कूल का कैनवास इतना बड़ा है कि उसमें हमें हर तरह के रंग दिख जाते हैं। सिंधिया स्कूल के बच्चे भी बनाएं यूनिकॉर्न कंपनी पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत के लिए कुछ भी असंभव नहीं है। भारत का बढ़ता हुआ सामथ्र्य हर सेक्टर में आपके लिए नई संभावनाएं बना रहा है। आप सोचिए साल 2014 से पूर्व कुछ स्टार्टअप हुआ करते थे, आज एक लाख के आसपास पहुंच चुके है। बीते कुछ सालों में भारत में 100 से अधिक यूनिकॉर्न बने हैं। एक यूनिकॉर्न कम से कम 8 हजार करोड़ की कंपनी, सिंधिया स्कूल के बच्चों को भी यहां से जाने के बाद यूनिकॉर्न बनाने हैं और अपने देश का नाम रोशन करना है। ये भी बोले मोदी - सरकार के तौर पर हमने भी आपके लिए नए-नए सेक्टर ओपन कर दिए हैं। डिफेंस इक्वपमेेंट या तो सरकार बनाती थी या विदेश से मंगाती थी। ऐसे कितने ही सेक्टर हैं जो आपके लिए भारत में बन रहे है। आपको मेक इन इंडिया के संकल्प को आगे बढ़ाना है। आपको आत्म निर्भर के संकल्प को आगे बढ़ाना है। - मेरा एक और मंत्र याद रखिएगा हमेशा आउट ऑफ द बॉक्स सोचिए। जैसे ज्योतिरादित्य सिंधिया के पिताजी माधवराव सिंधिया जब रेल मंत्री थे, उन्होंने शताब्दी की शुरूआत कराई। इसके तीन दशक बाद फिर भारत में ऐसी ट्रेनें शुरू नहीं हुई। अब देश में वंदे भारत का भी जलवा है और कल ही नमो भारत की रफ्तार भी आपने देखी है। एक क्षण में ही बन जाता है इतिहास स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि इतिहास बनाने के लिए दशकों की आवश्यकता नहीं होती, कभी-कभी एक ही क्षण में इतिहास बन जाते हैं। पीएम मोदी की उपस्थिति हमारे संस्थान के नए अध्याय की शुरूआत है। वहीं प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आजीविका प्राप्त करने का कौशल शिक्षा ही प्रदान करती है। सिंधिया स्कूल ने इस पर ध्यान दिया है।
Updated on:
22 Oct 2023 03:06 pm
Published on:
22 Oct 2023 02:27 pm
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