
MP Police Dog Retired: रेलवे सुरक्षा बल का डॉग स्क्वॉड यात्रियों की सुरक्षा और अपराध रोकने में मदद करता है। यह डॉग यात्रियों के माल और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा करने में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। वे रेलवे परिसर में कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। आरपीएफ के पास दो डॉग हैं, जिसमें टाइगर अपनी रिटायरमेंट के करीब आ गया है। वह नौ साल पूरे कर चुका है। एक साल में उसका रिटायरमेंट हो जाएगा।
आरपीएफ ने इसकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब आरपीएफ अपने दूसरे डॉग जेकी के लिए दूसरे टाइगर की तलाश में जुट गया है। वहीं जेकी पांच साल का हो गया है। यह चोरी, डकैती मर्डर के मामले में काम आता है। जेकी से ही यार्ड, सेक्शन में गश्त कराई जाती है।
आरपीएफ की प्रक्रिया में काफी समय लगता है। इसमें लगभग छह महीने से ज्यादा का समय लगता है। इसलिए आरपीएफ ने दूसरे डॉग के लिए तलाश शुरू की है। उसके बाद टाइगर की नीलामी का समय आएगा।
आरपीएफ एक डॉग पर हर महीने 17 से 18 रुपए तक खर्च करता है। इसमें इनका खाना के साथ रख- रखाव, साफ सफाई दवा आदि शामिल होती है। हर महीने इन पर 20 हजार का एडवांस फिक्स किया गया है।
नौ वर्ष पहले टाइगर आगरा मंडल से यहां पर आया था। उस समय इसकी उम्र तीन महीने की थी। तीन महीने और रहने के बाद छह महीने होने पर उसको ट्रेङ्क्षनग के लिए मद्रास 32 हफ्ते के लिए भेजा गया था। ट्रेनिग के बाद यह अपनी सेवा दे रहा है। यह बम बारुद को सुंगध के द्वारा पता लगाता है। रेलवे स्टेशन पर हर दिन टाइगर ही यात्रियों की चेकिंग के लिए जाता है।
हर डॉग की रिटायरमेंट की उम्र होती है। यह डॉग नौ वर्ष पूरे कर चुका है। इसलिए प्रक्रिया शुरु हो गई है।
- मनोज कुमार सिंह, पीआरओ झांसी मंडल
Updated on:
04 Mar 2024 08:58 am
Published on:
04 Mar 2024 08:57 am
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