
ग्वालियर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिवाली के दिन रेडियो पर 'मन की बात' की। इस कार्यक्रम में उन्होंने मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले की एक 92 वर्षीय महिला सरला त्रिपाठी की तारीफ की है। पीएम मोदी ने कहा- इनसे प्ररेणा लेने की जरूरत है। ऐसे लोगों की कहानियों को पढ़ाना चाहिए। बता दें कि सरला त्रिपाठी हर दिन ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मुफ्त में पानी पिलाती हैं।
क्या कहा पीएम मोदी
रेडियो में मन की बात को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र ने कहा-, मेरे प्यारे देशवासियो, पिछली बार मन की बात में हमने यह तय किया था कि इस बार की दिवाली में हम लोगों को कुछ अलग करना है। पीएम मोदी ने कहा- मैंने पिठली बार मन की बात में कहा था, हम सभी इस दीपावली पर भारत की नारी शक्ति और उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाएंगे। ये भारत की लक्ष्मी के समान हैं और हम सबको इनका सम्मान करना है। इसके बात लोगों ने पीएम मोदी के साथ भारत के एनेक महिलाओं की कहानियां शेयर की। रिवार को मन की बात को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा- इस बार भारत की लक्ष्मी की ऐसी अनेक कहानियां लोगों ने शेयर की हैं। आप इन महिलाओं की कहानियों को जरुर पढ़िए और इनसे प्ररेणा लीजिए। पीएम मोदी ने कहा- मेरा, भारत की इन सभी लक्ष्मियों को आदरपूर्वक नमन है।
मुफ्त में पिलाती हैं पानी
ग्वालियर की रहने वाली सरला त्रिपाठी ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों को पानी पिलाती हैं। सरला त्रिपाठी 1996 से हर सुबह वे स्टेशन पहुंच जाती हैं और वहां आने वाली ट्रेन के यात्रियों के पास जाकर उन्हें पानी देती हैं। सबसे पूछतीं हैं पानी पीना है। सरला त्रिपाठी मुफ्त में पानी पिलाती हैं। लोगों का कहना है कि अगर कोई यात्री उन्हें पैसे भी देता है तो वो पैसे नहीं लेती हैं। 92 साल उम्र में भी वो हर सुबह स्टेशन पहुंचती हैं और लोगों को पानी पिलाने के काम में जुट जाती हैं।
प्ररेणा का स्त्रोत
92 साल की बुजुर्ग महिला की इस सेवा को देखकर यात्री हत प्रभ हो जाते हैं। रोज अप डाउन करने वाले लोग सरला त्रिपाठी को पहचाने लगे हैं और उन्हें प्यार से दादी अम्मा बुलाते हैं। लोगों का कहना है कि दादी अम्मा समाज के लिए प्ररेणा का स्त्रोत हैं। उनके इस कार्य को देखकर शहर की संस्थाएं भी स्टेशन पर यात्रियों की प्यास बुझाने के लिए आगे आई हैं और उनके कार्य में सहयोग दे रही हैं। वहीं, सरला त्रिपाठी के घर वालों का कहना है कि कई बार हम लोग उम्र की वजह से उन्हें स्टेशन जाने से रोकते हैं, लेकिन वे नहीं रुकती और हर रोज समय पर स्टेशन पहुंच जाती हैं।
Updated on:
28 Oct 2019 09:20 am
Published on:
28 Oct 2019 09:19 am
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