
दो ट्रेनों के बीच आपस में भिड़ंत, बचाव कार्य शुरु, देखें हादसे का वीडियो
रेलवे की सुरक्षा व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रेलवे की मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान ऐसे हालात बनाए गए, जिसमें दो ट्रेनों की आपस में भिड़ंत हुई हो। यही नहीं, इसके बाद रेलवे के बचाव दल द्वारा किए गए बचाव और राहत कार्य को दर्शाया गया। आपको बता दें कि, प्रयागराज की डिप्टी चीफ सेफ्टी ऑफिसर मनीषा गोयल की देखरेख में रेलवे की ये मॉकड्रिल संपन्न हुई।
आपको बता दें कि, भारतीय रेलवे द्वारा किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्यों को लेकर हर साल मॉक ड्रिल की जाती है। इसी कड़ी में शुक्रवार 8 सितंबर को ग्वालियर रेलवे स्टेशन के प्लेट फार्म नंबर 4 पर मॉक ड्रिल की गई। खास बात ये है कि, इस मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आरपीएफ, जीआरपी, जिला पुलिस बल के साथ साथ स्वास्थ्य विभाग की अलग अलग टीमों हिस्सा लिया।
जिसने भी देखा वो मॉक ड्रिल को सच मान बैठा
खास बात ये रही कि, इस मॉक ड्रिल की देखरेख रेलवे की डिप्टी चीफ सेफ्टी ऑफिसर मनीषा गोयल कर रहीं थीं। मॉकड्रिल के तहत दो ट्रेनों के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद राहत और बचाव कार्य को सुलभ और तत्काली तौर पर करके दर्शाया गया। घटनाक्रम कुछ इस प्रकार दर्शाया गया कि, टक्कर के बाद एक ट्रेन के कुछ डिब्बे पटरी से उतरकर पलट जाते हैं, जिसके बाद रेलवे और जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के संयोजन से जो राहत और बचाव कार्य सम्पन्न होते हैं, उनके हालात का प्रदर्शित किए।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य
मॉक ड्रिल के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए रेलवे की डिप्टी चीफ सेफ्टी ऑफिसर मनीषा गोयल ने कहा कि, हर साल बतौर अभ्यास मॉक ड्रिल होती है। ये नियमित होती हैं और उसी कड़ी में ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर मॉक ड्रिल का आयोजन सम्पन्न हुआ है। इस दौरान एक तय माहौल के तहत ट्रेन दुर्घटना के समय किए जाने वाले राहत और बचाव कार्य प्रदर्शित किए गए। उन्होंने ये भी कहा कि, ग्वालियर के बाद मथुरा और कानपुर में भी मॉक ड्रिल की जाएगी। मनीषा गोयल के अनुसार, ऐसी मॉक ड्रिल से आपदा प्रबंधन अपने कार्यों की समीक्षा करता है। साथ ही, इस तरह रेलवे के कर्मचारियों का अभ्यास भी हो जाता है।
Published on:
08 Sept 2023 06:15 pm
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