
रजिस्ट्री
ग्वालियर. मध्य प्रदेश में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने वाले लाखों पक्षकारों के लिए सरकार बड़ी सहूलियत देने जा रही है। अब प्रदेश में जमीन या मकान की रजिस्ट्री कराने के लिए उस जिले या तहसील के उप-पंजीयक (सब-रजिस्ट्रार) कार्यालय के चक्कर काटने की मजबूरी पूरी तरह खत्म होने जा रही है। राज्य सरकार ने सब-रजिस्ट्रारों के कार्यक्षेत्र व शक्तियों का विस्तार कर 'एनीव्हेयर पंजीयन' व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। पक्षकार अब ग्वालियर की संपत्ति की रजिस्ट्री इंदौर में बैठकर और इंदौर की संपत्ति की रजिस्ट्री ग्वालियर उप-पंजीयक कार्यालय में जाकर करा सकेगा। संपदा-2 सॉफ्टवेयर में इस नई व्यवस्था को अपडेट कर दिया गया है। यह हाईटेक सुविधा आगामी 15 सितंबर से पूरे प्रदेश में विधिवत शुरू होने की प्रबल संभावना है। इस व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री पेश होने के बाद उप पंजीयक दस्तावेज संपादित करने के लिए पांच दिन का समय मिलेगा। छठवें दिन दस्तावेज पर फैसला लेना होगा। इस सेवा को शुरू करने से पहले उप पंजीयकों को ट्रेनिंग दी गई है। सोमवार को दोपहर में भोपाल परिक्षेत्र की ट्रेङ्क्षनग हुई और शाम को ग्वालियर परिक्षेत्र की ट्रेङ्क्षनग हुई। 8 ङ्क्षसतबर को जबलपुर व इंदौर परिक्षेत्र को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
गड़बड़ी रोकने के लिए उप-पंजीयक को खुद देना होगा घोषणा पत्र…
खुले अधिकार के साथ सरकार ने सुरक्षा के कड़े प्रावधान भी किए हैं। चयनित उप-पंजीयक को अधिकारिता संबंधी एक स्व-घोषणा पत्र (डिक्लेरेशन) देना होगा कि उक्त संपत्ति पर सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट या सिविल कोर्ट से कोई स्थगन, प्रतिबंध या कुर्की का आदेश नहीं है। प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग या राजस्व प्राधिकारियों द्वारा कोई जब्ती/प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। संबंधित संपत्ति या पक्षकारों के विरुद्ध राजस्व वसूली का कोई प्रकरण लंबित नहीं है।
कैसे काम करेगा नया सिस्टम? : 3 आसान स्टेप में समझें
-पक्षकार अपनी सुविधानुसार प्रदेश के किसी भी उप-पंजीयक कार्यालय का स्लॉट बुक करेंगे।
-सिस्टम में रजिस्ट्री ड्राफ्ट पेश होने के बाद परीक्षण व निष्पादन के लिए 5 दिन की विंडो मिलेगी।
-चयनित सब-रजिस्ट्रार के पास क्षेत्राधिकार वाले उप-पंजीयक की ऑनलाइन टिप्पणी उपलब्ध होगी। सत्यापन के बाद तुरंत डिजिटल पंजीयन संपन्न हो जाएगा।
एक्सप्लेनर-आम जनता को क्या-क्या होगा सीधा फायदा
उदाहरण के तौर पर, भिंड में रहने वाला बुजुर्ग यदि मुरैना की जमीन बेचना चाहता है, तो उसे 110 किमी दूर मुरैना जाने की जरूरत नहीं। वह ङ्क्षभड के ही नजदीकी दफ्तर में 15 मिनट में रजिस्ट्री पूरी करा सकेगा। किसी एक कार्यालय में पेंडेंसी या परेशानी होने पर पक्षकार दूसरे सुविधाजनक केंद्र का विकल्प चुन सकेंगे।
उप पंजीयकों की पावर का विस्तार
उप पंजीयकों के पावर का विस्तार किया गया है। यदि स्टांप शुल्क में कोई कमी पाई जाती है, तो चयनित उप-पंजीयक दस्तावेज को इम्पाउंड कर विधिक कार्रवाई के लिए संबंधित जिले के 'कलेक्टर ऑफ स्टाम्प्स को ऑनलाइन ही ट्रांसफर कर देगा। बाद में जिला पंजीयक भी इसका ऑडिट कर सकेंगे।
अशोक शर्मा, जिला पंजीयक
Updated on:
8 Sep 2026, 5:54 PM IST
Published on:
8 Sep 2026, 5:53 PM IST
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