5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

हंसते हुए घर जा रहे भाई-बहन को बस ने रौंदा,सास व दामाद समेत पांच की मौत

शहर से सटे जगनेवा गांव में रहने वाले दोनों भाई-बहन अपने घर जा रहे थे तभी यह हादसा हो गया
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

ग्वालियर

•

image

monu sahu

•

Updated: 29 Oct 2017, 10:26 PM IST

crime

youth

ग्वालियर/दतिया। झांसी के दतिया गेट बाहर निवासी अनुज दुबे(24) अपनी बहन रुचि (22) को लेकर लहार में आयोजित एक समारोह में शामिल होने जा रहा था। अनुज की बाइक क्रमांक यूपी-93, एआर 5776 पर रुचि पीछे बैठी हुई थी। हादसे के डर से वह बाइक को बाएं हाथ पर पक्की सड़क के नीचे चला रहा था। बाइक जैेसे ही शनिवार की सुबह करीब 11 बजे सिविल लाइन थाना क्षेत्र के झडिय़ा गांव के पास पहुंची कि सामने से आ रही राधिका बस सर्विस क्रमांक एमपी-32, जी 0281 के चालक ने वाहन को करीब दो फीट बाहर की ओर लेते हुए बाइक को रौंद डाला। हादसे में भाई की तत्काल मौत हो गई।

यह खबर भी पढ़ें: 200 मीटर तक घिसटते रहे तीन दोस्त,वाहन काट कर निकाले शव,कमजोर दिल वाले न देखे फोटो

वहीं पीछे बैठी रुचि की सांसें चल रहीं थी पर 108 एंबुलेंस के एक घंटा देरी से पहुंचने पर उसकी भी मौत हो गई। हालांकि पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए डायल-100 को बुला लिया और उन्हें जिला अस्पताल भेजा पर देर हो चुकी थी। शवों के पीएम के बाद पिता संजय व उनके अन्य रिश्तेदार लेकर झांसी पहुंचे और अंतिम संस्कार किया। इस ह्यदय विदारक हादसे से दतिया गेट बाहर स्थित टकटा चोपड़ा स्थित घर में व मोहल्ले में लोगों को आंसू नहीं रुक रहे थे। बस चालक की लापरवाही ने संजय दुबे का परिवार ही उजाड़ दिया। अब उनका नाम लेने वाला कोई नहीं बचा।

यह खबर भी पढ़ें: प्रेमिका को पति के साथ बैठा देख बिफरी पत्नी,सरेराह HUSBAND की चप्पलों से की पिटाई


केवल पढ़ाई के लिए आए थे झांसी
मृतकों के पिता संजय दुबे मूलत: जालौन जिले के गांव जगनेवा के रहने वाले हैं। संजय व उनकी पत्नी झांसी में केवल इसलिए आए थे कि वे बच्चों को पढ़ा-लिखाकर कुछ बना सकें। अनुज व उसकी बहन रुचि उनकी उम्मीदों पर खरे भी उतर रहे थे। हाल ही में अनुज ने आगरा से पॉलीटेक्निक की डिग्री ली और पिता की मदद के लिए एक निजी कंपनी में नौकरी करने लगा था। ताकि घर की कुछ आमदनी बढ़ सके। चूंकि संजय दूध बेचने का काम करते हैं लिहाजा इस मदद की उन्हें जरूरत भी थी। पढ़ाई में शुरू से ही अव्वल रहे अनुज के बारे में उनके दोस्तों का कहना है कि वो बेहद सीधा व पढ़ाई में होशियार था। हादसे में दोनों की मौत होने से घर का चिराग तो बुझ ही गया बेटी के जाने से घर एकदम सूना हो गया।

यह खबर भी पढ़ें: छात्रसंघ चुनाव: महिला शक्ति साइड लाइन, नियमों के फेर में उलझाकर सैकड़ों छात्राओं को दिखाया चुनाव से बाहर का रास्ता


हादसे में तीनों की मौत
दूसरी घटना में भिंड जिले के मौ निवासी आशाराम माहौर अपनी सास छोटी बाई का इलाज कराने सेंवढ़ा आए थे। शुक्रवार की दोपहर जब वे रिश्तेदार जितेन्द्र व छोटी बाई को लेकर अपने गांव की ओर लौट रहे थे कि पांचाली की खदान के पास सामने से आ रही बस क्रमांक एमपी-07 जी 7839 के चालक ने वाहन को तेजी व लापरवाही से चलाते हुए बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में तीनों की मौत हो गई। शवों को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। यहां संकेतक न होने व अंधा मोड़ होने के कारण हादसे पहले भी कई बार हो चुके हैं पर प्रशासन ध्यान नहीं देता।