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Swati Maliwal: एमपी में गरमाई सियासत, सीएम के बाद बीजेपी मंत्री ने केजरीवाल पर साधा निशाना, जानें क्या बोलीं

Swati Maliwal Case: आम आदमी पार्टी आप की राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल के मामले में सीएम डॉ. मोहन यादव के बाद अब बीजेपी की प्रदेश मंत्री के दिखे तेवर, बोलीं केजरीवाल को इस्तीफा देना चाहिए...

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मध्य प्रदेश में बीजेपी मंत्री कृष्णा गौर ने सवाति मालीवाल केस में अरविंद केजरीवाल पर साधा निशाना.

Swati Maliwal: आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल(Swati Maliwal) के बहाने अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) और आम आदमी पार्टी (AAP) को निशाने पर लेते हुए प्रदेश की मंत्री कृष्णा गौर (Minister Krishna Gaur) ने कहा, आप पार्टी की महिला नेत्री को अपने ही घर में अपमानित होना पड़ा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यालय में जिस प्रकार से उन्हें अपमानित किया गया, उनके साथ मारपीट की गई, अपशब्दों का इस्तेमाल किया, यह घोर निंदनीय है। इस बात पर आम आदमी पार्टी को संज्ञान लेना चाहिए और केजरीवाल को इस्तीफा देना चाहिए।

सीएम ने कहा था शर्मनाक

बता दें कि शुक्रवार को प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने भी अरविंद केजरीवाल को आड़े हाथों लिया था। उन्होंने कहा था कि पहली बार ऐसा सीएम देखा है जो किसी अपराध के लिए जेल जाए और सीएम का पद भी ना छोड़े। वहीं उनके घर में इस तरह से महिलाओं का अपमान शर्मिंदगी की बात है। हमारे यहां महिलाओं को देवी के रूप में पूजा जाता है।

शोक संवेदना व्यक्त करने ग्वालियर पहुंची थीं कृष्णा गौर

बता दें कि वे शनिवार को केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मां माधवी राजे के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने ग्वालियर आई थीं। मंत्री गौर ने प्रधानमंत्री पर हिंदू-मुसलमान करने के विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा, प्रधानमंत्री मोदी कभी हिंदू-मुसलमान नहीं करते। उन्होंने सबका साथ, सबका विकास की बात की है।

प्रदेश की मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि कांग्रेसियों का हमेशा से यह शगल रहा है वह जब हारने लगते हैं तो विलाप करने लगते हैं। उन्हें पता है अब परिणाम आने वाले हैं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को अपने ही घर में पराजय मिलने वाली है। इसलिए उन्होंने एक बार फिर ईवीएम विलाप प्रारंभ कर दिया है।

जबकि उनको एक बार विचार करना चाहिए। अगर ईवीएम में खराबी होती तो जिन प्रदेशों में उनकी सरकार बनी है, वहां भी ईवीएम का उपयोग हुआ है, अगर उनको ऐसा लगता था तो सरकार बनाने के बाद कांग्रेस को इस्तीफा देना चाहिए था।