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Gwalior News: जब चलती ट्रेन में बिगड़ी युवक की तबियत, मदद के लिए आगे आईं दो महिला डॉक्टर

Train Incident Video: सोशल मीडिया पर भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस का वीडियो काफी वायरल हो रहा है। वीडियो में दो महिला डॉक्टर एक बीमार युवक की जान बचाते नजर आ रहीं हैं। इसके साथ ही नागरिकों में इंसानियत की सुंदर और सराहनीय झलक देखने को मिली।
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Train Incident Humanity Alive

Bhopal Shatabdi Express Viral Video भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस वायरल वीडियो (Source: Yogesh Agrawal FB Account)

Bhopal Shatabdi Express Viral Video: भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में नजर आ रहा है कि ट्रेन यात्रा के दौरान 26-27 साल के एक युवक की आचानक तबियत बिगड़ गई। उसे चक्कर आने लगे और शरीर में खिंचाव होने लगा। युवक की हालत देख आसपास बैठे यात्री और टीटीई तुरंत सक्रिय हो गए। टीटीई ने ट्रेन में एलान करवाया कि अगर कोई डॉक्टर यात्रा कर रहा हो तो मदद के लिए आगे आए।

देखें वायरल वीडियो

मदद के लिए आगे आया MBBS ट्रेनी डॉक्टर

ट्रेन में युवक की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। इसी बीच एक एमबीबीएस डॉक्टर ने बीपी कम होने की आशंका जताते हए कॉफी पिलाने की सलाह दी, लेकिन पीछे बैठे एक यात्री ने रोक दिया। इसके बाद युवक को फ्रूटी पिलाई गई, जिसके बाद वह उल्टी करने लगा। अगला स्टेशन धौलपुर था। कुछ यात्री वहां उतारने की बात करने लगे, लेकिन टीटीई ने कहा कि स्टेशन पर समय लगने और मदद न मिलने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है।

फरिश्ता बनकर आई दो महिला डॉक्टर

इस दौरान ट्रेन में सफर कर रही दो महिला डॉक्टर फरिश्ता बनकर युवक के पास पहुंची। एक यात्री बीपी मशीन औक दवाइयों का बॉक्स लेकर पहुंचा। बीपी नामने पर वह पहुच ज्यादा निकला। डॉक्टरों ने तुरंत बीपी की दवा दी और हल्का खाना खिलाया। दोनों महिला डॉक्टर लगातार सांत्वाना देती रहीं। युवक दो बार उल्टी कर चुका था, फिर भी उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। युवक ने इतनी खराब हालत में भी अपनी जेब से 300-400 रुपये निकालकर सफाई वाले को देने के लिए दिए, लेकिन यात्रियों ने मना कर दिया और खुद व्यवस्था की।

लोगों ने युवक के घरवालों से संपर्क किया और उन्हें ग्वालियर स्टेशन बुलाया। ग्वालियर स्टेशन पहुंचने पर परिजन मौजूद थे और युवक को उनके सुपुर्द कर दिया गया।

अभी भी जिंदा है इंसानियत

इस घटना से एक बार फिर साबित हुआ कि आम नागरिकों में इंसानियत अभी भी जिंदा है। मुश्किल वक्त में लोग एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आ जाते हैं। साथ ही यह भी याद दिलाता है कि जिंदगी और मौत का भरोसा एक पल का भी नहीं होता।