सीएम ने इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने बेटियों के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, महिलाओं के लिए आरक्षण जैसी योजनाएं शुरू की, जिसके बाद प्रदेश की बालिकाएं उन्हें मामा बुलाने लगीं। बस यहीं से ये सिलसिला शुरू हुआ। इसके बाद प्रदेश के लड़के भी उन्हें मामा कहने लगे। सीएम शिवराज सिंह ने ये भी कहा कि अब तो आलम ये है कि प्रदेश के बुर्जुग भी उन्हें मामा कहकर बुलाते हैं।