पहले करनी पड़ी मनुहार, फिर लोग स्वत: लगाने लगे कतार, मगर अब मिल नहीं रही वैक्सीन लगातार
- जिले को एक सप्ताह में मिली महज 24200 वैक्सीन डोज
- संक्रमण बढऩे से बढ़ी खपत, एक दिन में 25 हजार तक टीकाकरण की क्षमता
- यदि यूं ही मिली वैक्सीन की सप्लाई तो एक मई से गड़बड़ाएगा टीकाकरण
अदरीस खान @ हनुमानगढ़. जिले में कोविड वैक्सीनेशन जब शुरू हुआ था तो चिकित्सा विभाग को टीकाकरण के लिए बहुत प्रयास करने पड़े थे। लोगों की मनुहार तक करनी पड़ी कि आओ टीका लगवा लो। चिकित्सा अधिकारियों और प्रशासन को जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर टीकाकरण में सहयोग करने की अपील करनी पड़ी। मगर जब से कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण के मामले में बढ़े हैं तो लोगबाग स्वत:स्फूर्त ही टीकाकरण के लिए निर्धारित केन्द्रों पर पहुंच रहे हैं।
केन्द्रों पर कतार लगाकर टीकाकरण के लिए प्रतीक्षा तक कर रहे हैं। लेकिन जैसे-जैसे लोगों में टीकाकरण को लेकर जागरुकता और गंभीरता बढ़ी है, वैसे-वैसे कोविड वैक्सीन की आपूर्ति गड़बड़ानी शुरू हो गई है। स्थिति यह है कि जिले को गत सप्ताह प्रतिदिन के हिसाब से साढ़े तीन हजार से भी कम वैक्सीन की डोज मिली। और इससे पहले तो तीन हजार प्रतिदिन के हिसाब से भी वैक्सीन की डोज नहीं मिली। जबकि फिलहाल जिले में एक दिन में ही 20 हजार डोज से भी अधिक की खपत हो सकती है।