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राजस्थानी साहित्य की ऑनलाइन परीक्षा में बेटियों ने मारी बाजी

हनुमानगढ़. कोरोना काल में कक्षा 12 के विद्यार्थियों की पढ़ाई को सुचारू रखने के लिए आयोजित राज्य स्तरीय राजस्थानी साहित्य ऑनलाइन परीक्षा में गांव बिरकाली राउमावि की रितु बेनीवाल पुत्री हनुमानप्रसाद बेनीवाल ने प्रथम स्थान हासिल किया है।
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हनुमानगढ़

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Adrish Khan

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Updated: 19 Jun 2021, 8:45 PM IST

राजस्थानी साहित्य की ऑनलाइन परीक्षा में बेटियों ने मारी बाजी

राजस्थानी साहित्य की ऑनलाइन परीक्षा में बेटियों ने मारी बाजी

राजस्थानी साहित्य की ऑनलाइन परीक्षा में बेटियों ने मारी बाजी
- नोहर तहसील के गांव बिरकाली की रितु बेनवाल रही प्रथम
- कोरोना काल में कक्षा 12 के विद्यार्थियों की पढ़ाई को सुचारू रखने के लिए नवाचार
हनुमानगढ़. कोरोना काल में कक्षा 12 के विद्यार्थियों की पढ़ाई को सुचारू रखने के लिए आयोजित राज्य स्तरीय राजस्थानी साहित्य ऑनलाइन परीक्षा में गांव बिरकाली राउमावि की रितु बेनीवाल पुत्री हनुमानप्रसाद बेनीवाल ने प्रथम स्थान हासिल किया है। उसे प्रथम पुरस्कार के रूप में 2100 रुपए तथा राजस्थानी पत्रिका की एक वर्ष नि:शुल्क सदस्यता दी गई। जोधपुर जिले की जांभा की ढाणी निवासी कविता पुत्री सुखराम द्वितीय रही। जबकि रेणु कंवर पुत्री रूपसिंह चारण, राउमावि जैतारण, पाली तथा स्वानि पुत्री भंवरलाल, राउमावि सरदारपुरा खर्था, सूरतगढ़ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रही।
राउमावि बिरकाली के राजस्थानी साहित्य के प्राध्यापक सुरेंद्र कुमार स्वामी की ओर से शुरू किए गए इस नवाचार की प्रदेश भर के शिक्षाविदें ने प्रशंसा की है। सुरेन्द्र स्वामी नें बताया कि परीक्षा के लिए सिलेबस को तीन भागों में बांटा गया। चौथे पेपर में सम्पूर्ण पाठ्यक्रम को शामिल कर 3 से 15 जून तक 4 चरणों में ऑनलाइन परीक्षा करवाई गई थी। परीक्षा के दिन उसका लिंक राजस्थानी प्राध्यापकों के माध्यम से विद्यालयों के स्माइल ग्रुप के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुंचाया गया। वेब एवं तकनीकी सहयोगी महावीर मूंड नें बताया कि परीक्षा में प्रदेश भर से 12 सौ से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए। परीक्षा परिणाम 18 जून को राजस्थानी त्रैमासिक पत्रिका 'कथेसर' के फेसबुक पेज पर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी, कलक्टर, नागौर की अध्यक्षता में जारी किया गया।
समसा के कार्यक्रम अधिकारी हरलाल ढाका ने बताया कि इस नवाचार से प्रेरित होकर प्रदेश के अन्य शिक्षक भी इसी प्रकार के आयोजन भविष्य में करवाएंगे जो विद्यार्थियों के लिए बहुत लाभकारी होगा। डॉ. गजे सिंह राजपुरोहित, निदेशक, बाबा रामदेव शोधपीठ, जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर ने विजेता विद्यार्थियों के लिए नकद पुरस्कार की घोषणा की है। राउमावि बिरकाली के प्राचार्य अरविन्द कस्वां ने ऑनलाइन परीक्षा को भविष्य के लिए बहुत उपयोगी बताया।