8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बिहार के घोड़ासहन गिरोह ने हनुमानगढ़ से चुराए थे दस लाख के मोबाइल फोन

हनुमानगढ़. जंक्शन बाजार से दस लाख रुपए से अधिक मूल्य के मोबाइल फोन चोरी मामले में जंक्शन पुलिस ने अज्ञात आरोपियों की पहचान करने में सफलता हासिल कर ली है। बिहार के घोड़ासहन गिरोह ने इस वारदात को अंजाम दिया था। गैंग के तीन सदस्य यहां चोरी करने आए थे।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

हनुमानगढ़

•

image

Adrish Khan

•

Updated: 30 Sep 2021, 8:50 PM IST

बिहार के घोड़ासहन गिरोह ने हनुमानगढ़ से चुराए थे दस लाख के मोबाइल फोन

बिहार के घोड़ासहन गिरोह ने हनुमानगढ़ से चुराए थे दस लाख के मोबाइल फोन

बिहार के घोड़ासहन गिरोह ने हनुमानगढ़ से चुराए थे दस लाख के मोबाइल फोन
- नेपाल में छिपे गिरोह के सदस्य
- जंक्शन बाजार से चुराए थे दस लाख रुपए मोबाइल फोन
- आरोपियों के गांव तक पहुंची पुलिस, दो आरोपियों की पहचान
- आरोपियों के नेपाल भाग जाने का अंदेशा
हनुमानगढ़. जंक्शन बाजार से दस लाख रुपए से अधिक मूल्य के मोबाइल फोन चोरी मामले में जंक्शन पुलिस ने अज्ञात आरोपियों की पहचान करने में सफलता हासिल कर ली है। बिहार के घोड़ासहन गिरोह ने इस वारदात को अंजाम दिया था। गैंग के तीन सदस्य यहां चोरी करने आए थे। बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले में नेपाल बॉर्डर पर घोड़ासहन गांव है। गांव के नाम से ही चोर गैंग जानी जाती है।
खास बात यह है कि पुलिस ने ना केवल वारदात को अंजाम देने वाली गैंग की पहचान की है बल्कि यहां से मोबाइल फोन चुराकर ले जाने वाले गैंग के दो सदस्यों की भी शिनाख्त कर ली है। जंक्शन पुलिस की टीम आरोपियों की तलाश में उनके गांव तक जा पहुंची। मगर दोनों आरोपी अपने ठिकानों से फरार मिले। पुलिस का अनुमान है कि वारदात को अंजाम देने के बाद घोड़ासहन गैंग के बदमाश नेपाल चले गए। दो आरोपियों की पहचान के बाद जंक्शन पुलिस ने मोबाइल फोन चोरी मामले में शामिल तीन में से दो जनों को नामजद कर उनकी तलाश में लगी हुई है। मगर नेपाल से वापसी के बाद ही गैंग के सदस्य काबू आ सकते हैं।
कई थानों की पुलिस को तलाश
जानकारी के अनुसार केवल जंक्शन थाना पुलिस ही नहीं बल्कि कई थानों की पुलिस को विभिन्न प्रकरणों में घोड़ासहन गैंग के बदमाशों की तलाश है। प्रदेश में अन्य जिलों में भी उनके वारदात किए जाने की सूचना है। इसके अलावा कई अन्य राज्यों की पुलिस भी उनको खोज रही है। जंक्शन पुलिस की एक टीम गत दिनों वारदात में शामिल आरोपियों की धरपकड़ के लिए बिहार के गांव घोड़ासहन गई। वहां पुलिस ने कई दिन तक डेरा डाला। चोरी में संलिप्त दो आरोपियों की पहचान की। आवश्यक जानकारी जुटाने के बाद पुलिस की टीम सोमवार को लौट आई।
बन चुकी कुंडली
जंक्शन थाना प्रभारी नरेश गेरा ने बताया कि चोरी की वारदात के बाद मुखबिर सक्रिए किए। पुलिस की कई टीम जांच में जुटी रही। इस दौरान महत्वपूर्ण जानकारी मिलने के बाद पुलिस की एक टीम बिहार में नेपाल बॉर्डर भिजवाई गई। चोरी करते सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में कैद हुए आरोपी तथा बाहर खड़े दो में से एक की शिनाख्त कर ली गई है। उनको नामजद कर लिया गया है। उनकी पूरी जानकारी जुटाई जा चुकी है। संबंधित पुलिस थानों से सम्पर्क किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बिहार गई पुलिस टीम में एएसआई शिवनारायण व रामपाल, हैड कांस्टेबल मनीष बिश्नोई व कांस्टेबल नायब सिंह शामिल रहे।
आधी रात के बाद धावा
पुलिस के अनुसार घोड़ासहन गैंग की खास बात यह है कि आधी रात गुजर जाने के बाद वारदात को अंजाम देना शुरू करते हैं। रात को चार बजे के आसपास अधिकांश वारदातें करते हैं। गैंग में शामिल अन्य बदमाश पहले भी विभिन्न जगहों से मोबाइल फोन वगैरह चुरा चुके हैं। मोबाइल फोन का आईएमईआई नंबर बदलकर वे नेपाल में बेच देते हैं। एक तो मोबाइल नए होते हैं और उसके बाद आईएमईआई नंबर बदलने के बाद उनको ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है। नेपाल में बेचना भी आसान रहता है। क्योंकि घोड़ासहन से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर ही नेपाल शुरू हो जाता है। गैंग का लीडर लल्लन वहां जाकर चोरी का माल बेचता है। गिरोह की वारदात करने का तरीका हमेशा एक ही रहता है। गैंग में शामिल कम उम्र के सदस्यों को प्लेयर कहते हैं, उनकी उम्र कम होती है। कई तो नाबालिग होते हैं।
दुकान के आसपास ही डेरा
गैंग के सदस्यों की खास बात यह कि स्वयं को यात्री दर्शाने के लिए साथ में बैग रखते हैं ताकि पुलिस पूछताछ में परेशानी ना हो। अधिकांशत: मुख्य सड़क स्थित दुकानों को ही निशाना बनाते हैं। जहां चोरी करनी होती है, उस दुकान के आगे या उसके आसपास डेरा लगा लेते हैं। रात को गिरोह के एक-दो सदस्य वहीं चादर बिछाकर सो जाते हैं।
चुराए थे 86 स्मार्टफोन
जंक्शन में शहीद भगतसिंह चौक के नजदीक बस स्टैंड रोड स्थित मोबी केयर से 17 सितम्बर की अल सुबह चोरी हो गई थी। तीन अज्ञात जनों ने दस लाख रुपए से अधिक कीमत के 86 स्मार्टफोन चुरा लिए थे। इस संबंध में दुकान मालिक दलीप सिंह भाटी पुत्र कल्याण सिंह राजपूत निवासी सेक्टर नम्बर 11, जंक्शन मामला दर्ज कराया था। उन्होंने पुलिस को रिपोर्ट दी थी कि 10 लाख 11 हजार 500 रुपए कीमत के 86 स्मार्टफोन के अलावा एक ब्ल्यू टूथ स्पीकर, जीओ कंपनी का राउटर व 8 हजार रुपए की नकदी अज्ञात जने चुरा ले गए। अज्ञात चोरों ने ताले तोडऩे के बजाए शटर को बीच में से ऊपर उठाया और वारदात को अंजाम दिया। यह वारदात दुकान के अन्दर व बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में कैद हो गई। फुटेज में तीन जने नजर आए। पुलिस ने दुकान के अन्दर व बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी तो उसमें नजर आया कि रात्रि करीब 2 बजे तीन अज्ञात जने दुकान के बाहर आए। काले रंग का मास्क पहने एक जना दुकान में घुसा। दो जने दुकान के बाहर बैठे निगरानी करते रहे। दुकान के अन्दर घुसे शख्स डिब्बों में बन्द मोबाइल फोन निकालकर अपने साथ लाए बैग में डालने लगा। करीब साढ़े चार बजे तीनों जने वारदात को अंजाम देकर चले गए।