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पोस्त तस्करी: एक लाख 40 हजार रुपए का जुर्माना, चौदह साल की सजा

गोदाम में रिकॉर्ड से 5774 क्विंटल पोस्त अधिक मिला था। एनडीपीएस कोर्ट ने माना तस्करी का दोषी।
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कोटा

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Sonakshi Jain

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Updated: 17 Feb 2017, 4:07 PM IST

विशिष्ट न्यायालय एनडीपीएस हनुमानगढ़ ने गुरुवार को पोस्त तस्करी के चर्चित मामले में ठेकेदार को दोषी करार देते हुए 14 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उस पर एक लाख चालीस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषी करार दिए गए ठेकेदार के पास भारी मात्रा में रिकॉर्ड से अधिक पोस्त बरामद हुआ था।



प्रकरण के अनुसार हनुमानाराम सहारण निवासी टाउन को हनुमानगढ़ जिले में पोस्त का ठेका मिला था। उसने गांव कोहला में गोदाम किराए पर ले रखा था, वहां पोस्त का भंडारण करता था। उसे एक अप्रेल 2011 से ही जिले में पोस्त का ठेका मिला था। इसके ठीक दस दिन बाद 10 अप्रेल 2011 को टाउन थाने के तत्कालीन प्रभारी संजय बोथरा ने मय जाब्ता कोहला गोदाम पर सूचना के आधार पर जांच की। फिर तत्कालीन डीएसपी चंद्रेश गुप्ता भी वहां पहुंचे।


आबकारी निरीक्षक मधु उज्जवल को वहां बुलाया गया। गोदाम सीज करने के बाद रिकॉर्ड की पड़ताल की गई और स्टॉक जांचा गया। इसमें 5774 क्विंटल पोस्त रिकॉर्ड से अधिक पाया गया। इसमें से ज्यादातर पोस्त गोदाम में था तथा कुछ पोस्त वहां खड़ी जीप से बरामद किया गया। इसके बाद 13 अप्रेल 2011 को ठेकेदार हनुमानाराम सहारण के खिलाफ एनडीपीएस के तहत मामला दर्ज कराया गया।


आबकारी विभाग ने शर्तों का उल्लंघन करने पर ठेकेदार का लाइसेंस निरस्त कर नए सिरे से आवेदन मांगे। पुलिस ने जांच पूरी कर चालान पेश किया। कोर्ट ने उसे दोषी मानते हुए सजा सुनाई।