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द्वितीय प्रवेश द्वार तैयार, उद्घाटन के ‘शुभ मुहूर्त’ का इंतजार

- जनवरी के पहले सप्ताह में तैयार हो गई थी जंक्शन में सैकेण्ड विंडो
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हनुमानगढ़

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Manoj Goyal

•

Updated: 21 Apr 2022, 10:19 PM IST

द्वितीय प्रवेश द्वार तैयार, उद्घाटन के 'शुभ मुहूर्त' का इंतजार

द्वितीय प्रवेश द्वार तैयार, उद्घाटन के 'शुभ मुहूर्त' का इंतजार

- मनोज कुमार गोयल
हनुमानगढ़. हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर द्वितीय प्रवेश द्वार (सैकेण्ड विंडो) लगभग साढ़े तीन माह से तैयार है लेकिन उसे शुरू करके रेल यात्रियों को राहत प्रदान नहीं की जा रही है। लगता है रेलवे मंत्रालय के अधिकारी सैकेण्ड विंडो के उद्घाटन के लिए किसी 'शुभ मुहूर्त' के इंतजार में हैं। लगभग साढ़े तीन महीने से तैयार द्वितीय प्रवेश द्वार की टिकट खिड़की व स्र्कूलेटिंग एरिया धूल फांक रहा है। लगभग पांच-सात दिन बाद सैकेण्ड विंडो क्षेत्र की साफ-सफाई रेलवे की स्वच्छता विंग द्वारा करवा दी जाती है लेकिन उसे विधिवत शुरू करके रेल यात्रियों को राहत प्रदान करने की तरफ ध्यान नहीं जा रहा है। द्वितीय प्रवेश द्वार शुरू हो जाए तो शहर के नागरिकों को भारी राहत मिलेगी। लम्बी चौड़ी दूरी तय करके रेलवे स्टेशन आने-जाने से छुटकारा मिलेगा और शहर की यातायात समस्या का भी समाधान होगा।
उल्लेखनीय है कि हनुमानगढ़ जंक्शन में रेलवे स्टेशन के उत्तरी भाग में द्वितीय प्रवेश द्वार की मांग वर्षों से चल रही थी। द्वितीय प्रवेश द्वार का मुद्दा डीआरएम, जीएम से होते हुए रेल मंत्री तक भी पहुंचा। इस पर वर्ष 2019 में द्वितीय प्रवेश द्वार बनाने का कार्य दो भागों में स्वीकृत हुआ।
प्रथम भाग में द्वितीय प्रवेश द्वार की टिकट खिडक़ी और अन्य निर्माण कार्य स्वीकृत हुए और द्वितीय भाग में द्वितीय प्रवेश द्वार की टिकट खिडकी से प्लेट फार्म संख्या एक, दो, तीन से जोडने के लिए एफओबी (फुटओवरब्रिज) स्वीकृत हुआ। दोनों ही कार्यों के लिए अलग-अलग करीब एक-एक करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत हुआ था। कोरोना महामारी के चलते निर्माण कार्य में विलम्ब हो गया लेकिन जनवरी के पहले सप्ताह में कार्य पूर्ण हो गया, तब रेलवे अधिकारियों ने एक पखवाड़े के भीतर इसे शुरू करने का दावा भी किया लेकिन विधिवत शुरूआत के चक्कर के साढ़े तीन माह बीत गए हैं और अभी पता नहीं कितना वक्त शुरू होने में लगेगा।
पेट्रोल डीजल की होगी भारी बचत
हनुमानगढ़. रेलवे स्टेशन जाने के लिए शहर वासियों को लम्बा चक्कर निकाल कर जाना पड़ता है। जिला कलेक्ट्रेट, अनाज मंडी, सिविल लाइंस, आवासन मंडल कालोनी, सेक्टर छह, नौ, सुरेशिया, खुंजा आदि से फोर व्हीलर पर रेलवे स्टेशन जाने के लिए श्रीगंगानगर मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज, गांधी नगर स्थित अण्डर ब्रिज अथवा चूना फाटक स्थित रेलवे क्रॉसिंग हो कर जाना पड़ता है। यह लम्बा और भीड़भाड़ वाला क्षेत्र है। ऐसे में सैकेण्ड विंडो बनने से इन सब क्षेत्रों के निवासियों को रेलवे स्टेशन जाने के लिए लम्बी दूरी तय नहीं करनी पड़ती है और ना ही भीड़-भाड़ से गुजरना पड़ेगा। इससे प्रतिदिन हजारों लोगों की पेट्रोल-डीजल और समय की भारी बचत होगी।
डीआरएम से करेंगे बात
- हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर द्वितीय प्रवेश द्वार (सैकेण्ड विंडो) तैयार है, इसके जल्द शुरू करवाने के लिए डीआरएम और जीएम से बात करेंगे। - राजेन्द्र चौधरी, पार्षद व सदस्य, जेडआरयूसीसी, जयपुर।
जल्द होनी चाहिए शुरू
हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर द्वितीय प्रवेश द्वार (सैकेण्ड विंडो) की मांग शहरवासियों की लगभग दो दशक पुरानी थी, इसे रेलवे ने निर्मित भी कर दिया है, अब इसे जल्द शुरू करना चाहिए। - डॉ. भारतभूषण शर्मा, जिला उपाध्यक्ष, भाजपा, हनुमानगढ़।
जल्द करे रेलवे सैकेण्ड विंडो शुरू
हनुमानगढ़ जंक्शन के रेलवे स्टेशन पर द्वितीय प्रवेश द्वार (सैकेण्ड विंडो) तैयार है। नागरिकों की बार-बार मांग पर रेलवे ने इसे तैयार किया है, अब पता नहीं कौन से मुहूर्त के इंतजार में इसे शुरू नहीं कर रहे हैं। इसे जल्द शुरू किया जाए। - प्यारे लाल बंसल, अध्यक्ष, व्यापार मंडल, हनुमानगढ़ जंक्शन
अधिकारियों को दिए हैं निर्देश
हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर द्वितीय प्रवेश द्वार (सैकेण्ड विंडो) तैयार है, गत दौरे के दौरान मैने निरीक्षण भी किया था, मैने अधिकारियों को निर्देश भी दिए थे कि इसे जल्द शुरू किया जाए, अभी शुरू नहीं हुई है तो बात करेंगे। - निहालचंद मेघवाल, सांसद, श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़
कुछ टेस्टिंग बाकी है
- हनुमानगढ़ जंक्शन के रेलवे स्टेशन पर द्वितीय प्रवेश द्वार तैयार हो गया है। कम्प्यूटर संबंधी कुछ टेस्टिंग होने बाकि हैं, इन्हें जल्द पूर्ण करवाने के लिए कहा गया है, जल्द पूर्ण कर शुरू करने का प्रयास करेंगे। - अनिल रैना, वरिष्ठ वाणिज्य मंडल प्रबंधक, बीकानेर।

70 फीसदी आबादी होगी लाभान्वित
हनुमानगढ़. रेलवे लाइनों के चलते शहर दो भागों में विभक्त है। शहर की अधिकांश आबादी और कालोनियां एवं सरकारी कार्यालय रेलवे स्टेशन के उत्तरी तरफ हैं। दक्षिणी तरफ मुख्य बाजार, बसस्टेण्ड और आधा दर्जन कालोनियां हैं। हालांकि वर्ष 1902 में जब हनुमानगढ़ से भठिण्डा-सूरतगढ़-बीकानेर रेलखण्ड की मीटरगेज रेल गाइन निकली थी तो उस समय शहर रेलवे स्टेशन के दक्षिणी तरफ ही था। आजादी से पहले तहसील, पुलिस थाना सहित चंद सरकारी कार्यालय पुराने शहर यानि वर्तमान के हनुमानगढ़ टाउन में हुआ करते थे। 1970 के दशक के बाद जंक्शन विस्तार होना शुरू हुआ और सबसे पहले अनाज मंडी एवं सिंचाई-बिजली के कुछ कार्यालय उत्तरी तरफ स्थापित हुए। 1995 में हनुमानगढ़ के जिला बनने के बाद जिला मुख्यालय के तमाम सरकारी कार्यालय और आबादी रेलवे स्टेशन की
उत्तरी भाग की तरफ विस्तार होने लगी। ऐसे में वर्तमान में शहर दो भागों में विभक्त हो गया है और जिला मुख्यालय की 7०-७५ फीसदी आबादी रेल लाइन के उत्तरी तरफ है।

मुख्य रेलवे प्रवेशद्वार की तरफ यात्रियों को नहीं पड़ेगा जाना
रेल यात्रियों के लिए सैकेण्ड विंडो काफी लाभदायक रहेगी। सैकेण्ड विंडो की तरफ पार्किंग की व्यवस्था भी गई है और सामान्य श्रेणी और आरक्षित श्रेणी की टिकटें भी उपलब्ध रहेंगी। सैकेण्ड विंडो चौबीसों घंटे कार्य करेगी। इससे यात्रियों को मुख्य प्रवेश द्वार की तरफ नहीं जाना पड़ेगा। यात्री रेलगाड़ी से उतर कर सीधे द्वितीय प्रवेश द्वार की तरफ आ सकेंगे और रेलगाड़ी में सवार होने के लिए सीधे सैकेण्ड विंडो की तरफ से ही जा सकेंगे।
पेट्रोल डीजल की होगी भारी बचत
हनुमानगढ़. रेलवे स्टेशन जाने के लिए शहर वासियों को लम्बा चक्कर निकाल कर जाना पड़ता है। जिला कलेक्ट्रेट, अनाज मंडी, सिविल लाइंस, आवासन मंडल कालोनी, सेक्टर छह, नौ, सुरेशिया, खुंजा आदि से फोर व्हीलर पर रेलवे स्टेशन जाने के लिए श्रीगंगानगर मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज, गांधी नगर स्थित अण्डर ब्रिज अथवा चूना फाटक स्थित रेलवे क्रॉसिंग हो कर जाना पड़ता है। यह लम्बा और भीड़भाड़ वाला क्षेत्र है। ऐसे में सैकेण्ड विंडो बनने से इन सब क्षेत्रों के निवासियों को रेलवे स्टेशन जाने के लिए लम्बी दूरी तय नहीं करनी पड़ती है और ना ही भीड़-भाड़ से गुजरना पड़ेगा। इससे प्रतिदिन हजारों लोगों की पेट्रोल-डीजल और समय की भारी बचत होगी।