
दस जिलों की प्यास बुझाने वाली इंदिरागांधी नहर में रीलाइनिंग कार्य जारी, अनियमितता की शिकायत पर जांच के लिए पांच अधिकारियों की गठित कमेटी गठित आज करेगी सर्वे, इधर राजस्थान के लिए बांधों से 8200 क्यूसेक पानी प्रवाहित
दस जिलों की प्यास बुझाने वाली इंदिरागांधी नहर में रीलाइनिंग कार्य जारी, अनियमितता की शिकायत पर जांच के लिए पांच अधिकारियों की गठित कमेटी गठित आज करेगी सर्वे, इधर राजस्थान के लिए बांधों से 8200 क्यूसेक पानी प्रवाहित
हनुमानगढ़. इंदिरागांधी नहर राजस्थान भाग में रीलाइनिंग का कार्य जारी है। भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुशील गोदारा के नेतृत्व में किसानों ने बुधवार को इंदिरा गांधी फीडर के 595 आरडी पर जाकर निर्माण कार्यों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने रीलाइनिंग के दौरान अनियमितता व गुणवत्ता के निर्धारित मापदंडों की अनदेखी का आरोप लगाया। सुशील गोदारा ने तथ्यों के साथ इसकी शिकायत सिंचाई विभाग के प्रमुख शासन सचिव व कलक्टर को भेजी है। इस दौरान जल संसाधन विभाग क्वाालिटी कंट्रोल के चीफ इंजीनियर अमरजीत मेहरड़ा व अन्य अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है। वह गुणवत्ता के मापदंडों को जांच रहे हैं। इसी तरह २४ मई को जिला कलक्टर नथमल डिडेल की ओर से रीलाइनिंग कार्यों के निरीक्षण के दौरान किसानों की ओर से की गई शिकायत के बाद इसकी जांच के लिए पांच अधिकारियों की टीम गठित कर दी गई है। इसमें शामिल अधिकारी २७ मई को इंदिरागांधी नहर के चल रहे रीलाइनिंग कार्य की गुणवत्ता जांचेंगे व इसकी रिपोर्ट कलक्टर को सौपेंगे। नहर रीलाइनिंग कार्य की गुणवत्ता जांचने को लेकर गठित कमेटी में जिला परिषद हनुमानगढ़ के सीईओ रामनिवास जाट, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता अनिल अग्रवाल, अधिशाषी अभियंता जगमोहन अग्रवाल, जिला परिषद में अधिशाषी अभियंता मदन सिंह व पीएचईडी के अधिशाषी अभियंता धर्मपाल चाहर को शामिल किया गया है। जिला परिषद सीईओ रामनिवास जाट की अगुवाई में रीलाइनिंग कार्य का रेंडम सर्वे करेंगे। कलक्टर ने कमेटी में शामिल अधिकारियों को सात दिवस में रिपोर्ट सौंपने के लिए पाबंद किया है।
तीस तक मसीतांवाली हैड पर पहुंचने के आसार, रीलाइनिंग कार्य के कारण इंदिरागांधी नहर में चल रही बंदी अब जल्द होगी समाप्त
हनुमानगढ़. इंदिरा गांधी नहर में चल रही बंदी अब जल्द समाप्त होने जा रही है। इसके तहत २६ मई को राजस्थान क्षेत्र की नहरों के लिए बांधों से करीब ८२०० क्यूसेक पानी प्रवाहित कर दिया गया है। इस पानी के २८ मई तक हरिके बैराज व तीस मई तक राजस्थान सीमा के मसीतांवाली हैड पर पहुंचने के आसार हैं। इसके बाद नहरों में पानी प्रवाहित होने लगेगा। जल संसाधन विभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल ने बताया कि इस समय इंदिरगांधी मुख्य नहर की रीलाइनिंग का कार्य जारी है। लक्ष्य से अधिक क्षेत्र में रीलाइनिंग कार्य करवाने की तैयारी में हम जुटे हैं। उन्होंने बताया कि जल्द नहरबंदी समाप्त होने पर इंदिरागांधी नहर में ७२००, भाखड़ा में १२००, सिद्धमुख नोहर परियोजना में ६५० क्यूसेक पानी दस जून तक चलाएंगे। इसमें इंदिरागांधी नहर में दस जून तक पेयजल ही चलाया जाएगा। इस बार राजस्थान भाग में रीलाइनिंग कार्य करवाने को लेकर २५० करोड़ का बजट मंजूर किया गया है। चरणबद्ध तरीके से जीरो आरडी से टेल तक नहर की रीलाइनिंग का कार्य पूर्ण किया जाएगा। इसके लिए सेकंड फेज के कार्य को शुरू करने के लिए प्रोजेक्ट की अवधि भी बढ़ाई जा रही है। साथ ही एनडीबी से एग्रीमेंट करने की प्रक्रिया भी चल रही है।
८० प्रतिशत कार्य पूर्ण
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार चालू वर्ष में इस समय इंदिरागांधी नहर राजस्थान भाग में ४९ किमी के टेंडर जारी किए गए हैं। इसमें ४३ में पूर्ण करने का लक्ष्य है। परंतु जिस तरीके से अभी तक टीम काम कर रही है, उससे लगता है कि लक्ष्य से अधिक ४६ किमी तक रीलाइनिंग कार्य पूर्ण हो जाएगा। २५ मई तक लक्ष्य की तुलना में ८० प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके थे। बचे हुए चार दिनों में लक्ष्य के अनुसार कार्य पूर्ण करने में लगे हुए हैं।
नहरबंदी पर नजर
इस बार इंदिरागांधी नहर पंजाब व राजस्थान भाग में एक साथ रीलाइनिंग कार्य चल रहे हैं। इसके कारण ऐतिहासिक साठ दिन की बंदी ली गई है। रिलाइनिंग कार्य के लिए 30 मार्च से ली गई बंदी 28 मई तक है। 30 मार्च से 28 अप्रेल तक आंशिक बंदी रही थी। वहीं 29 अप्रेल से 28 मई तक तीस दिन पूर्ण बंदी रहेगी। इस अवधि में राजस्थान के साथ पंजाब भाग में रिलाइनिंग कार्य करवाए जा रहे हैं। रिलाइनिंग कार्य पूर्ण होने के बाद नहरों में रेग्यूलेशन के अनुसार पानी चलाना संभव हो सकेगा। इससे पहले जगह-जगह से नहर की लाइनिंग क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। इसके कारण नहरों में पानी का लीकेज भी बढ़ रहा था।
कार्यों की जांची गुणवत्ता
पंजाब व राजस्थान भाग में चल रहे रीलाइनिंग कार्यों की लगातार गुणवत्ता जांची जा रही है। जल संसाधन उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल व क्वालिटी कंट्रोल कार्यालय जयपुर के मुख्य अभियंता अमरजीत मेहरड़ा ने बुधवार को नहरी क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान चल रहे रीलाइनिंग कार्यों की गुणवत्ता जांची। मौके पर मौजूद विभाग के अधिकारियों व ठेकेदार को कार्यों की गुणवत्ता का ध्यान रखने के निर्देश दिए। 3500 से अधिक मजदूर निर्माण कार्य में लगे हुए हैं।
मानसून सीजन में फायदा
पंजाब व राजस्थान भाग में इंदिरागांधी मुख्य नहर की रीलाइनिंग होने पर इसमें क्षमता के अनुसार पानी चलाना संभव हो सकेगा। मानसून सीजन में सर प्लस का पानी का अधिकतम उपयोग राजस्थान कर सकेगा। रिलाइनिंग का कार्य पूर्ण होने से कुछ जगह सेम समस्या भी कम होगी।
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Published on:
27 May 2021, 8:16 AM IST
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