2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बनासकांठा पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट : 3 दिन पहले हंडिया से काम पर गए थे 17 लोग, अब सभी के फोन बंद, अबतक 21 मौतें

Banaskantha Factory Blast : गुजरात की पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट के बाद परिजन अपनों से संपर्क का प्रयास कर रहे हैं। 3 दिन पहले काम करने गए थे हंडिया से 17 लोग। मृतकों की शिनाख्त और घायलों की मदद के लिए अधिकारियों का दल पहुंचा।

3 min read
Google source verification
Banaskantha Factory Blast

Banaskantha Factory Blast : गुजरात के बनासकांठा के पास डीसा की पटाखा फैक्ट्री में काम करने मध्य प्रदेश के हरदा जिले की हंडिया तहसील से 17 मजदूर 29 मार्च को ही काम करने गए थे। हादसे की सूचना के बाद उनके परिजन घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। वहीं हादसे की सूचना मिलने के बाद फोकटपुरा मोहल्ले में लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।

गुजरात जाने वालों में एक महिला ऐसी भी है, जिसने हरदा की पटाखा फैक्ट्री बंद होने के बाद रोजगार की तलाश में गुजरात पलायन किया था। फोकटपुरा निवासी राकेश ने बताया कि उसके परिवार के 4 लोग काम करने गुजरात गए हैं। एक अन्य ग्रामीण भगवान के अनुसार उसके परिवार के भी 4 सदस्य काम के सिलसिले में गुजरात गए हैं।

यह भी पढ़ें- एमपी के परिवारों का काल बनी गुजरात की अवैध पटाखा फैक्ट्री, धमाके में शरीर के उड़े चीथड़े

3 लोग एक ही परिवार के

मोहल्ले की गंगू बाई ने बताया उनके परिवार और समाज के 14 लोग अमावस्या के दिन गुजरात के लिए रवाना हुए थे। जिनमें 3 सदस्य बबीता, धनराज और संध्या उनके परिवार के हैं।

विधायक ने अलग से की आर्थिक सहायता की घोषणा

धनराज उनकी बेटी का बेटा है। हादसे के बाद सरपंच के पास जब फोन आया तो हादसे का पता चला। गुजरात की पटाखा फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट के प्रभावित परिवारों से मिलने और उनके हाल जानने के लिए हरदा के विधायक आर.के दोगने शाम को हंडिया पहुंचे। उन्होंने गुजरात मजदूरी करने गए लोगों के परिजनों से बातचीत कर जानकारी ली। साथ ही मृतकों के परिजनों को 20-20 हजार रुपए की मदद की घोषणा की।

बहन की तलाश में भाई गुजरात रवाना

ग्रामीण ललित ने बताया कि उनकी बहन लक्ष्मी उर्फ मुल्लो अपनी दोनों बेटियों को उसके पास छोडकऱ काम करने गुजरात गई थी। घटना की सूचना के बाद वह बहन की तलाश करने घटनास्थल के लिए रवाना हुआ।

यह भी पढ़ें- गुजरात पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट : धमाके में संदलपुर के दो परिवारों के 9 लोगों की मौत, 200 मीटर दूर मिले चीथड़े

क्या कहती है पुलिस

हंडिया टीआई आरपी कवरेती ने बताया हमें जिन नामों की सूची मिली है, उन नामों की फोकटपुरा में तलाश की गई है। जिसमें करीब 15 से ज्यादा लोगों के वहां जाने की जानकारी परिजनों व समाज के लोगों से मिली है। 4-5 लोग देवास के संदलपुर से भी गए हैं। मौत की पुष्टि घटनास्थल से ही हो सकेगी।

क्या बोले कलेक्टर?

गुजरात राज्य के बनासकांठा जिले में पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से कुछ लोगों की मृत्यु हुई है। कुछ लोग घायल हुये हैं। इस दुर्घटना में हरदा जिले के कुछ लोगों के प्रभावित होने की खबर भी है। कलेक्टर आदित्य सिंह ने बताया कि दुर्घटना की जानकारी मिलते ही मृतकों की शिनाख्त और घायलों की आवश्यक मदद करने के उद्देश्य से हरदा जिले के अधिकारियों का दल गठित कर बनासकांठा जिले के लिए रवाना कर दिया गया है। इस दल में संयुक्त कलेक्टर संजीव नागू, उप पुलिस अधीक्षक अजाक सुनील लाटा, तहसीलदार टिमरनी डॉ. प्रमेश जैन, नायब तहसीलदार देवराम निहरता तथा रहटगांव के पुलिस उप निरीक्षक मानवेंद्र सिंह भदोरिया शामिल हैं। इधर हरदा के कांग्रेस विधायक आरके दोगने भी प्रभावितों के परिजनों से मिलने पहुंचे। जिन्होंने स्वेच्छानुदान से 20-20हजार रुपए की मदद की घोषणा की।

यह भी पढ़ें- MP Rain Alert : 24 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी, तापमान में आई गिरावट

अपनों की सुध लेने प्रयास करते रहे परिजन

हादसे की सूचना के बाद से ही लोगों ने अपने परिजनों के हाल जानने फोन लगाना शुरू किया था। लेकिन किसी के फोन चालू नहीं मिले। गंगू बाई, राधेश्याम, ललित, शंकर की मानें तो सभी लोग एक ही मोहल्ले में रहते हैं। सभी एक ही समाज के हैं। जब किसी के फोन नहीं लग रहे थे, तो उन्होंने बारी-बारी से अन्य लोगों से संपर्क की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी। सूत्रों की मानें तो अस्पताल में भर्ती घायल विजय पिता संतोष से एक पुलिसकर्मी ने वीडियोकॉल पर बातचीत की, जिससे उन्हें कुछ जानकारी दी है। हादसे से सदमे में आया विजय ज्यादा बोल नहीं पा रहा है।

सीएम ने की मुआवजे की घोषणा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बनासकांठा फैक्ट्री ब्लास्ट में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। सीएम ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'गुजरात के बनासकांठा स्थित पटाखा फैक्ट्री हादसे में मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए और घायल श्रमिकों को 50-50 हजार की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी। हमारे कैबिनेट मंत्री श्री नागर सिंह चौहान सहित पुलिस/प्रशासन के अधिकारियों को समन्वय हेतु दुर्घटना स्थल पर भेजा गया है। संकट की इस घड़ी में हमारी सरकार पीड़ितों के परिवारों के साथ खड़ी है और हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है।'

लाइसेंस नहीं हुआ था रिन्यू

फिलहाल, पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और जांच के लिए पांच टीमें बनाई गई हैं। डिप्टी एसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन भी किया गया है. पुलिस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, गोदाम ने पहले पटाखे स्टोर करने का लाइसेंस लिया था, लेकिन 31 दिसंबर 2024 के बाद उसे रिन्यू नहीं कराया। उसके बाद जब रिन्यअल के लिए अप्लाई किया तो प्रशासन ने पाया कि गोदाम में उचित सुविधाएं नहीं हैं, जिसके चलते लाइसेंस को होल्ड कर दिया गया है।