
Blood Group and Stomach Cancer (Photo- gemini ai)
Blood Group and Stomach Cancer Risk: चिकित्सा विज्ञान में अक्सर यह कहा जाता है कि हमारा 'ब्लड ग्रुप' सिर्फ हमारी पहचान नहीं है, बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेतक (Indicator) भी है। हाल ही में हुई कई वैश्विक रिसर्च ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है, आपका ब्लड ग्रुप यह तय कर सकता है कि आपको भविष्य में कौन सी बीमारियां होने का खतरा ज्यादा है। विशेष रूप से, ब्लड ग्रुप 'A' वाले लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी सामने आई है।
ब्लड ग्रुप और कैंसर के संबंध पर हुई सबसे बड़ी स्टडी स्वीडन के कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट (Karolinska Institute) द्वारा की गई थी। इस रिसर्च में लगभग 10 लाख से अधिक लोगों के डेटा का 35 वर्षों तक विश्लेषण किया गया। 'अमेरिकन जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी' में प्रकाशित इस रिपोर्ट के अनुसार, ब्लड ग्रुप 'A' वाले लोगों में पेट के कैंसर (Stomach Cancer) का खतरा अन्य ब्लड ग्रुपों की तुलना में 20% तक अधिक होता है। वहीं, इसके उलट ब्लड ग्रुप 'O' वाले लोगों में पेट के कैंसर का जोखिम सबसे कम पाया गया, हालांकि उनमें पेप्टिक अल्सर होने की संभावना अधिक देखी गई। रिसर्च का मानना है कि ब्लड ग्रुप 'A' के शरीर में कुछ ऐसे एंटीजन्स होते हैं जो पेट की अंदरूनी परत को प्रभावित करते हैं।
वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका मुख्य कारण हेलिकोबैक्टर पायलोरी (H. pylori) नामक बैक्टीरिया है। यह बैक्टीरिया पेट के अल्सर और कैंसर के लिए जिम्मेदार माना जाता है। रिसर्च बताती है कि ब्लड ग्रुप 'A' वाले लोगों का इम्यून सिस्टम इस बैक्टीरिया के प्रति अधिक संवेदनशील होता है, जिससे पेट में सूजन (Inflammation) और कैंसर की कोशिकाएं पनपने का खतरा बढ़ जाता है।
कैंसर विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि ब्लड ग्रुप एक रिस्क फैक्टर है, लेकिन जागरूकता से इसे टाला जा सकता है। डॉ. विकास गुप्ता (सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट) के अनुसार "यह सच है कि ब्लड ग्रुप 'A' वालों में जेनेटिकली पेट के कैंसर का रिस्क ज्यादा होता है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि इस ग्रुप के हर व्यक्ति को कैंसर होगा ही। यदि आपका ब्लड ग्रुप 'A' है, तो आपको अपनी लाइफस्टाइल और डाइट पर अतिरिक्त ध्यान देने की जरूरत है। स्मोकिंग, शराब और ज्यादा नमक वाले 'प्रोसेस्ड मीट' से परहेज करना आपके लिए अनिवार्य है।"
एक अन्य रिसर्च में डॉ. नीलम सहाय ने बताया कि, "अगर ब्लड ग्रुप 'A' वाले मरीजों को बार-बार एसिडिटी, पेट में भारीपन या अचानक वजन कम होने जैसे लक्षण दिखें, तो उन्हें तुरंत एंडोस्कोपी करानी चाहिए।"
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
25 Apr 2026 03:37 pm
Published on:
25 Apr 2026 03:34 pm
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