
cancer prevention (image- gemini AI)
Cancer Prevention: हम सब लोग आज भी इस भ्रम में जी रहे हैं कि बीमारी की शुरुआत हमारे शरीर से होती है। लेकिन वास्तव में शरीर तो सिर्फ एक मशीन है जो लक्षण प्रकट करने का काम करता है। असल में बीमारी तो हमारे घर से शुरू होती है और यदि स्वस्थ रहना है, तो घर में मौजूद बीमारी के उन स्रोतों को खत्म करना होगा जिनसे बीमारी फैल रही है। आप कोई भी बीमारी देख लें, आपको उसका प्राथमिक कारण घर में ही मिलेगा। कैंसर अब एक आम बीमारी बन गया है, इसके उपचार को लेकर हर कोई जिज्ञासु है। इसके इलाज से ज्यादा असरदार इसका बचाव होता है।
कैंसर विशेषज्ञ डॉ. तरंग कृष्णा, जो 'कैंसर मुक्त भारत' के संकल्प के साथ लोगों को इससे बचने के उपाय और जीवनशैली में बदलाव सुझाते हैं, उन्होंने हाल ही में बताया कि यदि आपको कैंसर से बचना है, तो अपने घर से इन तीन चीजों को बिल्कुल हटा दें। आइए जानते हैं हमारे घर में मौजूद वे कौन सी चीजें हैं जो हमें कैंसर का शिकार बना सकती हैं।
कैंसर से बचाव के लिए किन 3 चीजों का प्रयोग बंद करें?(Cancer Prevention Tips)
आज भारत में हर घर में एलुमिनियम के बर्तन आसानी से मिल जाएंगे, फिर चाहे भोजन पकाना हो या परोसना, सबमें इनका अधिकता से प्रयोग हो रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सस्ते और चमकदार चांदी जैसे दिखने वाले इन बर्तनों को खरीदकर आप खुद अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहे हैं? ऐसा करके आप अनजाने में खुद को कैंसर के हवाले कर रहे हैं। एलुमिनियम के बर्तनों के सूक्ष्म कण भोजन के माध्यम से हमारे शरीर में पहुंचकर कैंसर कोशिकाओं को बढ़ावा देते हैं। इससे धीरे-धीरे कैंसर का खतरा बढ़ता जाता है। इसलिए सुंदरता और दिखावे की दुनिया से बाहर निकलकर खुद को सुरक्षित रखने के लिए आज से ही एलुमिनियम के बर्तनों का प्रयोग बंद कर दें।
आजकल जैसे-जैसे पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव बढ़ा है, वैसे-वैसे प्लास्टिक के बर्तनों और बोतलों का चलन भी बढ़ गया है। प्लास्टिक में बीपीए (BPA) जैसे जहरीले रसायन होते हैं। ये रसायन सीधे हमारे शरीर में कैंसर को बढ़ाने का काम करते हैं। जब प्लास्टिक की बोतलों और डिब्बों में रखा सामान, या कहें कि बोतल में रखा पानी धूप के संपर्क में आकर गर्म होता है, तो उसमें ऐसे तत्वों का निर्माण होता है जो सीधे हमारे शरीर में कैंसर का खतरा बढ़ा देते हैं। कैंसर से दूर रहना है तो कांच या स्टील की बोतलों का ही प्रयोग करें।
बाजार में ऐसे बहुत सारे टूथपेस्ट भारी मात्रा में बिकते हैं जो मुंह में झाग बनाने का काम करते हैं। इनमें सोडियम लॉरिल सल्फेट (SLS) होता है, जो एक खतरनाक रसायन है। 'Journal of Oral Pathology & Medicine' में छपी रिसर्च में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सोडियम लॉरिल सल्फेट हमारी त्वचा में बहुत गहराई तक समाने की क्षमता रखता है। SLS वाले टूथपेस्ट काम में लेने वाले लोगों में 'एफ्थस अल्सर' (बार-बार होने वाले छाले) का खतरा बहुत ज्यादा रहता है और यही छाले आगे चलकर कैंसर का कारण बन सकते हैं।
Published on:
01 Jan 2026 02:38 pm
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