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कोरोना का यूनानी और होमियोपैथी में बचाव

यूनानी में इसे हरारत कहते हैं। इसके लिए कर्पूर, सत् पोदीना, सत अजवायन को बराबर मात्रा में लेकर एक कांच की शीशी में बंद कर धूप में रख दें।
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कोरोना का यूनानी और होमियोपैथी में बचाव

कोरोना का यूनानी और होमियोपैथी में बचाव

यूनानी में इसे हरारत कहते हैं। इसके लिए कर्पूर, सत् पोदीना, सत अजवायन को बराबर मात्रा में लेकर एक कांच की शीशी में बंद कर धूप में रख दें। एक दिन में यह तेल बन जाता है। गले में खराश में है तो पानी में दो-तीन बूंद डालकर दिन में 2-3 बार पीएं। इसे हाथ में भी लगा सकते हैं। त्रियाक ए अरबा भी कारगर है। उन्नाब, चिरायता, कासनी, गुले बनफशा, गुले मुंडी, सिर फूंका बराबर मात्रा में रात को गर्म पानी में भिगोएं। सुबह एक उबाल देकर 40 मिली. शरबत नीलोफर या बनफशा डालकर पीएं। कीवी, किन्नू, संतरा, आंवले का जूस लें।
होम्योपैथी करे बचाव
स्वाइन फ्लू से बचाव में जो दवाइयां देेते हैं जैसे आर्सेनिक एलबम 30 वही कोरोना में प्रभावी है। इसकी कुछ खुराक ले सकते हैं। इससे इम्युनिटी बढ़ती है ताकि कोई भी बीमारी का दुष्प्रभाव न पड़े। जिन्हें सर्दी-जुकाम है वे डॉक्टरी सलाह पर पैरमफास, इंफ्लूइंजम, बेपटिशिया, कैल्शिशियम आदि ले सकते हैं।
डॉ. तारकेश्वर जैन, वरिष्ठ होम्योपैथी विशेषज्ञ, डॉ. मो. आसिफ खान, यूनानी विशेषज्ञ

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