16 जून 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Cough Syrup खुद से खरीदना जानलेवा क्यों? WHO, CDC और Mayo Clinic के अनुसार समझिए

Cough Syrup New Rule : भारत सरकार की ओर से कफ सिरप को लेकर बिना डॉक्टर की पर्ची बेचने पर रोक लगा दी है। आइए, समझते हैं कि आखिर हमें क्यों बिना डॉक्टर की सलाह लिए खांसी का सिरप नहीं लेना चाहिए।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Ravi Gupta

Jun 16, 2026

Cough Syrup, Cough Syrup in india, Cough Syrup latest news in hindi,

Cough Syrup In India | प्रतीकात्मक तस्वीर | Credit- Gemini AI

Cough Syrup New Rule In India : कफ सिरप से मौत के मामलों के बाद अब एक नया फैसला आया है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने ड्रग्स (5th अमेंडमेंट) रूल्स, 2026 के तहत नया नियम लागू किया है। संशोधन के अनुसार, ड्रग्स रूल्स 1945 की शेड्यूल K में शामिल आइटम नंबर 7 से सिरप्स शब्द हटा दिया गया है। कुल मिलाकर कहा जाए तो अब आप कफ सिरप को ओवर द काउंटर यानी बिना डॉक्टर की पर्ची के खरीद नहीं सकते हैं।

कफ सिरप को खुद से क्यों न खरीदें?

कारण 1-विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मार्च 2023 में एक आधिकारिक सुरक्षा अलर्ट जारी कर फोलकोडीन (Pholcodine) युक्त कफ सिरप को लेकर चेतावनी दी थी। जिन लोगों ने इसका लंबे समय तक सेवन किया था, उन्हें सर्जरी के दौरान जनरल एनेस्थीसिया (Muscle Relaxants) देने पर एनाफिलेक्सिस (Anaphylactic Shock) यानी अचानक जानलेवा एलर्जिक रिएक्शन होने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।

कारण 2- गाम्बिया और उज्बेकिस्तान जैसे देशों में कफ सिरप से बच्चों की मौत के बाद भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उन सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) और एथिलीन ग्लाइकोल (EG) जैसे जहरीले रसायनों की मिलावट पाई गई थी। इस कारण बच्चों में किडनी फेलियर के मामले आए थे। WHO बिना डॉक्टरी जांच और रेगुलेटेड फार्मेसी के कफ सिरप खरीदने को असुरक्षित मानता है।

कारण 3- मेयो क्लिनिक के मुताबिक, खांसी कोई बीमारी नहीं बल्कि एक लक्षण है। खुद से कफ सिरप लेकर खांसी को पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता। अगर खांसी के प्रकार (सूखी या बलगम वाली) के हिसाब से सिरप नहीं लिया गया, तो यह फेफड़ों में बलगम को रोक सकता है। इसके अलावा, खुद से दवा लेने के कारण अस्थमा, हार्ट फेलियर या क्रोनिक ब्रोंकाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों के सही निदान और इलाज में देरी हो जाती है।

इसलिए मेयो क्लिनिक के मेडिकल एक्सपर्ट्स कफ सिरप (विशेषकर ओपिओइड आधारित जैसे कोडीन) के खुद से इस्तेमाल को लेकर सख्त मना करते हैं।

कारण 4-सीडीसी (CDC) के अनुसार, कोडीन एक ओपिओइड है। बिना डॉक्टर की निगरानी के लंबे समय तक या बार-बार कोडीन युक्त कफ सिरप का इस्तेमाल करने से व्यक्ति अनजाने में ही ओपिओइड के नशे का आदी (Substance Use Disorder) हो जाता है।

ज्यादातर सामान्य खांसी और जुकाम वायरल इन्फेक्शन के कारण होते हैं, जो समय के साथ अपने आप ठीक हो जाते हैं। लोग अक्सर घबराहट में खुद से कफ सिरप या एंटीबायोटिक्स खरीद लेते हैं, जो वायरल बीमारी पर बेअसर होते हैं और शरीर की इम्यूनिटी तथा पेट के अच्छे बैक्टीरिया को नुकसान पहुंचाते हैं।

उपरोक्त कारणों को गंभीरता से लिया जाए तो वाकई हमें खुद से कफ सिरप लेने से बचना चाहिए। इसलिए, सर्दी-खांसी होने पर डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद ही किसी प्रामाणिक दवा का सेवन करें।