
frequent urination (Image- gemini AI)
Frequent Urination: आपने कई लोगों को देखा होगा की उनको पानी पीते ही पेशाब के लिए जाना पड़ता है। आपके साथ भी अगर ऐसा है तो आप सोचते होंगे की ऐसा किन कारणों से होता है। ये सामान्य है या इसके पीछे कोई बड़ा कारण है? असल में, हमारा शरीर एक जटिल मशीन की तरह काम करता है जहां पानी पीने की क्रिया मात्र से ही शरीर के निचले अंगों को सफाई का सिग्नल मिल जाता है।
इसे चिकित्सा विज्ञान की भाषा में मिक्चुरेशन रिफ्लेक्स कहा जाता है। आइए AIIMS रायपुर के यूरोलॉजिस्ट डॉ. परवेज से जानते है की ऐसा किन कारणों से होता है?
पेशाब करने की प्रक्रिया को विज्ञान में 'मिक्चुरेशन' कहा जाता है। जब आप पानी पीते हैं, तो शरीर में तरल का दबाव बढ़ता है। जैसे ही ब्लैडर थोड़ा भी भरता है, इसकी दीवारों में मौजूद नसें रीढ़ की हड्डी के जरिए दिमाग को संदेश भेजती हैं। कुछ लोगों में यह संचार इतना तेज होता है कि पानी पेट में पहुँचते ही ब्लैडर की मांसपेशियां (Detrusor muscles) सिकुड़ने लगती हैं, जिससे तुरंत पेशाब की इच्छा होने लगती है। इसे ही 'मिक्चुरेशन रिफ्लेक्स' का सक्रिय होना कहते हैं।
यदि आप एक साथ बहुत सारा या बहुत ठंडा पानी पीते हैं, तो शरीर का ऑटोमैटिक नर्वस सिस्टम तुरंत सक्रिय हो जाता है। इसके अलावा, यदि आपका ब्लैडर पहले से ही थोड़ा भरा हुआ है, तो नया पानी पीते ही 'गैस्ट्रो-रीनल रिफ्लेक्स' सक्रिय होता है जो पुराने यूरिन को बाहर निकालने का दबाव बनाता है। इसे बीमारी तब तक नहीं माना जाता जब तक कि इसमें दर्द या अन्य असहजता न हो।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
08 Apr 2026 09:15 am
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