
तेजी से बढ़ने वाला ब्रेन कैंसर है Glioblastoma- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Glioblastoma Symptoms: कैंसर का नाम सुनते ही हर किसी के मन में एक अनजाना सा डर बैठ जाता है। लेकिन जब बात दिमाग यानी ब्रेन कैंसर की हो, तो चिंता और भी बढ़ जाती है। ग्लियोब्लास्टोमा (Glioblastoma) एक ऐसा ही नाम है, जिसे मेडिकल की दुनिया में तेजी से फैलने वाला ब्रेन कैंसर माना जाता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के मुताबिक, यह कैंसर इतनी तेजी से बढ़ता है कि इसके लक्षणों को शुरुआत में ही पहचानना और तुरंत इलाज शुरू करना बेहद जरूरी हो जाता है। आइए जानते हैं कि ग्लियोब्लास्टोमा क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और समय रहते इसकी पहचान क्यों जरूरी है।
हमारा दिमाग कई तरह की कोशिकाओं (Cells) से मिलकर बना है। इनमें से एक होती हैं एस्ट्रोसाइट्स (Astrocytes), जो दिमाग की नसों को सहारा देने का काम करती हैं। जब इन कोशिकाओं में खराबी आ जाती है और ये बिना रुके बहुत तेजी से बढ़ने लगती हैं, तो यह ग्लियोब्लास्टोमा का रूप ले लेती हैं। इसे ग्रेड 4 (Grade IV) ब्रेन ट्यूमर भी कहा जाता है, जिसका सीधा मतलब है कि यह बहुत आक्रामक (Aggressive) होता है और देखते ही देखते दिमाग के बाकी हिस्सों में फैल जाता है।
मेयो क्लिनिक के अनुसार, यह ट्यूमर दिमाग में तेजी से जगह घेरता है, इसलिए इसके लक्षण भी बहुत जल्दी उभर कर सामने आते हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, अगर किसी को नीचे दी गई परेशानियां लगातार बनी रहें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए;
ग्लियोब्लास्टोमा के मामले में समय ही सब कुछ है। क्लीवलैंड क्लिनिक के डॉक्टर बताते हैं कि इसे वक्त पर पहचानना इसलिए जरूरी है क्योंकि यह ट्यूमर हफ्तों या महीनों में ही अपना आकार बड़ा कर लेता है। जितनी जल्दी जांच होगी, इसे कंट्रोल करना उतना ही आसान होगा।
शुरुआती स्टेज में पता चलने पर डॉक्टर सर्जरी के जरिए ट्यूमर के काफी हिस्से को निकाल सकते हैं। इसके बाद कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी देकर बचे हुए कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोका जा सकता है। समय पर इलाज शुरू होने से मरीज को होने वाली तकलीफें (जैसे तेज दर्द या पैरालिसिस का खतरा) काफी हद तक कम की जा सकती हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
20 Jul 2026, 1:09 PM IST
Published on:
20 Jul 2026, 1:09 PM IST
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