
जिम में एक्सरसाइज करता व्यक्ति और हार्ट हेल्थ के कॉन्सेप्ट को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)
Gym Cardiac Arrest Risk: हाल ही में उत्तराखंड के एक 38 वर्षीय SOG अधिकारी की जिम में वर्कआउट के दौरान मौत की खबर ने लोगों को झकझोर दिया। ऐसे मामलों के बाद अक्सर सवाल उठता है कि जो व्यक्ति फिट दिखता है, नियमित व्यायाम करता है, उसे अचानक हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट कैसे हो सकता है?
फिट दिखना और दिल का पूरी तरह स्वस्थ होना हमेशा एक जैसी बात नहीं होती। कई बार शरीर के अंदर छिपी हार्ट संबंधी समस्याएं वर्षों तक बिना किसी लक्षण के मौजूद रहती हैं और तीव्र शारीरिक गतिविधि के दौरान सामने आ जाती हैं।
Mayo Clinic के अनुसार नियमित व्यायाम दिल की बीमारियों का जोखिम कम करता है, लेकिन जो लोग लंबे समय तक निष्क्रिय रहते हैं और अचानक बहुत अधिक तीव्र एक्सरसाइज शुरू कर देते हैं, उनमें कार्डियक घटनाओं का खतरा अस्थायी रूप से बढ़ सकता है। वहीं Mayo Clinic के मुताबिक कई लोगों में कोरोनरी आर्टरी डिजीज (Coronary Artery Disease), दिल की मांसपेशियों की जन्मजात समस्याएं या दिल की इलेक्ट्रिकल सिस्टम से जुड़ी गड़बड़ियां बिना लक्षण के मौजूद हो सकती हैं।
अक्सर लोग इन दोनों को एक ही समझ लेते हैं। हार्ट अटैक तब होता है जब दिल तक खून पहुंचाने वाली नसों में रुकावट आ जाती है। जबकि सडन कार्डियक अरेस्ट में दिल की इलेक्ट्रिकल गतिविधि अचानक रुक जाती है और दिल शरीर में खून पंप करना बंद कर देता है। National Heart, Lung, and Blood Institute (NHLBI) के अनुसार कार्डियक अरेस्ट होने पर कुछ ही मिनटों में इलाज न मिले तो जान का खतरा हो सकता है।
आजकल सोशल मीडिया पर 30 या 90 दिन के ट्रांसफॉर्मेशन वीडियो देखकर कई लोग सीधे भारी वजन उठाना या हाई-इंटेंसिटी ट्रेनिंग शुरू कर देते हैं। Journal of the American Medical Association (JAMA) और AHA से जुड़े अध्ययनों में पाया गया है कि जो लोग नियमित रूप से सक्रिय नहीं रहते, उनमें अचानक बहुत ज्यादा मेहनत वाला व्यायाम करने पर हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
कई लोग जिम में घंटों पसीना बहाते हैं लेकिन पर्याप्त पानी नहीं पीते। Cleveland Clinic के अनुसार गंभीर डिहाइड्रेशन शरीर में पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी कर सकता है। ये खनिज दिल की धड़कन को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनकी कमी से दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है।
अगर आपकी उम्र 40 वर्ष से अधिक है या परिवार में कम उम्र में हार्ट डिजीज का इतिहास रहा है, तो जिम जॉइन करने से पहले हेल्थ चेकअप करवाना फायदेमंद हो सकता है। जांच में शामिल हो सकते हैं:
युवा उम्र या अच्छी बॉडी इन संकेतों से सुरक्षा की गारंटी नहीं है।
Mayo Clinic और Cleveland Clinic के अनुसार कुछ प्री-वर्कआउट सप्लीमेंट्स में अत्यधिक कैफीन और उत्तेजक पदार्थ होते हैं, जो हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर बढ़ा सकते हैं। वहीं एनाबॉलिक स्टेरॉयड का लंबे समय तक उपयोग दिल की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचा सकता है और भविष्य में हार्ट डिजीज का जोखिम बढ़ा सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
22 Jun 2026 04:25 pm
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