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Sudden Cardiac Arrest: जिम में अचानक कार्डियक अरेस्ट क्यों हो जाता है? Mayo Clinic और NIH की रिसर्च से समझिए 5 बड़े कारण

Cardiac Arrest Symptoms: Mayo Clinic, NIH और हार्ट एक्सपर्ट्स के अनुसार जिम में अचानक कार्डियक अरेस्ट के पीछे छिपी हार्ट डिजीज, डिहाइड्रेशन, बिना तैयारी के भारी वर्कआउट और अन्य कारण हो सकते हैं। जानिए चेतावनी संकेत और बचाव।

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भारत

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Dimple Yadav

Jun 22, 2026

Sudden Cardiac Arrest Heart Attack During Exercise Gym Safety

जिम में एक्सरसाइज करता व्यक्ति और हार्ट हेल्थ के कॉन्सेप्ट को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)

Gym Cardiac Arrest Risk: हाल ही में उत्तराखंड के एक 38 वर्षीय SOG अधिकारी की जिम में वर्कआउट के दौरान मौत की खबर ने लोगों को झकझोर दिया। ऐसे मामलों के बाद अक्सर सवाल उठता है कि जो व्यक्ति फिट दिखता है, नियमित व्यायाम करता है, उसे अचानक हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट कैसे हो सकता है?

फिट दिखना और दिल का पूरी तरह स्वस्थ होना हमेशा एक जैसी बात नहीं होती। कई बार शरीर के अंदर छिपी हार्ट संबंधी समस्याएं वर्षों तक बिना किसी लक्षण के मौजूद रहती हैं और तीव्र शारीरिक गतिविधि के दौरान सामने आ जाती हैं।

रिसर्च क्या कहती है?

Mayo Clinic के अनुसार नियमित व्यायाम दिल की बीमारियों का जोखिम कम करता है, लेकिन जो लोग लंबे समय तक निष्क्रिय रहते हैं और अचानक बहुत अधिक तीव्र एक्सरसाइज शुरू कर देते हैं, उनमें कार्डियक घटनाओं का खतरा अस्थायी रूप से बढ़ सकता है। वहीं Mayo Clinic के मुताबिक कई लोगों में कोरोनरी आर्टरी डिजीज (Coronary Artery Disease), दिल की मांसपेशियों की जन्मजात समस्याएं या दिल की इलेक्ट्रिकल सिस्टम से जुड़ी गड़बड़ियां बिना लक्षण के मौजूद हो सकती हैं।

कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक एक नहीं हैं

अक्सर लोग इन दोनों को एक ही समझ लेते हैं। हार्ट अटैक तब होता है जब दिल तक खून पहुंचाने वाली नसों में रुकावट आ जाती है। जबकि सडन कार्डियक अरेस्ट में दिल की इलेक्ट्रिकल गतिविधि अचानक रुक जाती है और दिल शरीर में खून पंप करना बंद कर देता है। National Heart, Lung, and Blood Institute (NHLBI) के अनुसार कार्डियक अरेस्ट होने पर कुछ ही मिनटों में इलाज न मिले तो जान का खतरा हो सकता है।

अचानक हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट क्यों हो सकता है खतरनाक?

आजकल सोशल मीडिया पर 30 या 90 दिन के ट्रांसफॉर्मेशन वीडियो देखकर कई लोग सीधे भारी वजन उठाना या हाई-इंटेंसिटी ट्रेनिंग शुरू कर देते हैं। Journal of the American Medical Association (JAMA) और AHA से जुड़े अध्ययनों में पाया गया है कि जो लोग नियमित रूप से सक्रिय नहीं रहते, उनमें अचानक बहुत ज्यादा मेहनत वाला व्यायाम करने पर हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

डिहाइड्रेशन भी बन सकता है वजह

कई लोग जिम में घंटों पसीना बहाते हैं लेकिन पर्याप्त पानी नहीं पीते। Cleveland Clinic के अनुसार गंभीर डिहाइड्रेशन शरीर में पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी कर सकता है। ये खनिज दिल की धड़कन को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनकी कमी से दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है।

जिम शुरू करने से पहले कौन-सी जांच जरूरी हो सकती है?

अगर आपकी उम्र 40 वर्ष से अधिक है या परिवार में कम उम्र में हार्ट डिजीज का इतिहास रहा है, तो जिम जॉइन करने से पहले हेल्थ चेकअप करवाना फायदेमंद हो सकता है। जांच में शामिल हो सकते हैं:

  • ब्लड प्रेशर
  • ब्लड शुगर
  • कोलेस्ट्रॉल प्रोफाइल
  • ECG
  • ट्रेडमिल टेस्ट (TMT) या स्ट्रेस टेस्ट

ये संकेत दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें

  • सीने में दर्द या दबाव
  • अचानक सांस फूलना
  • चक्कर आना
  • बेहोशी
  • धड़कनों का असामान्य रूप से तेज होना
  • अत्यधिक थकान

युवा उम्र या अच्छी बॉडी इन संकेतों से सुरक्षा की गारंटी नहीं है।

सप्लीमेंट्स और स्टेरॉयड पर भी रखें नजर

Mayo Clinic और Cleveland Clinic के अनुसार कुछ प्री-वर्कआउट सप्लीमेंट्स में अत्यधिक कैफीन और उत्तेजक पदार्थ होते हैं, जो हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर बढ़ा सकते हैं। वहीं एनाबॉलिक स्टेरॉयड का लंबे समय तक उपयोग दिल की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचा सकता है और भविष्य में हार्ट डिजीज का जोखिम बढ़ा सकता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।