
हरियाणा में हार्ट अटैक से मौत | प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo - Gemini AI
Haryana Heart Attack or Heart Failure 18000 Deaths : हरियाणा का हार्ट अटैक से मौतों का ये मामला कर्नाटक के हासन जिले की याद दिला रहा है। जहां पर 40 दिनों में 20 से अधिक मौतें हार्ट अटैक से हुई थीं। इसके बाद सरकार को कमिटी गठन करनी पड़ी थी। इसी तरह हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस के एक विधायक ने बताया कि पिछले 6 सालों में राज्य के युवा हार्ट अटैक व हार्ट फेलियर से मर रहे हैं। मृतकों का ये आंकड़ा करीब 18 हजार है।
इस हेल्थ के मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोशल मीडिया (X) पर पोस्ट कर हरियाणा सरकार से मामले में सवाल पूछते हुए लिखा है कि कोविड काल के बाद हरियाणा के युवाओं के लिए "साइलेंट किलर" साबित हो रहा है। युवा हर घंटे इस कारण मौत के मुंह में समा रहे हैं। इसको लेकर भाजपा की सरकार क्या कर रही है….।
कांग्रेस नेता ने सदन में ये साफ तौर पर कहा कि ये किसी सर्वे का आंकड़ा नहीं है। बल्कि, राज्य के अलग-अलग जिलों से सामने आए केस हैं। सदन में उन्होंने जनवरी 2026 तक के आंकड़ों को पेश किया। साथ ही चिंता भी जताई।
पत्रिका के रवि कुमार गुप्ता ने इस मुद्दे को लेकर हरियाणा के अलग-अलग कार्डियोलॉजिस्ट से संपर्क करने की कोशिश की। कईयों ने इस पर बात करने से मना कर दिया और कुछेक ने फोन तक नहीं उठाए। पर, डॉ. धर्म प्रकाश शरण (कार्डियोलॉजिस्ट, हिसार, हरियाणा) ने पत्रिका के साथ कुछ बातें और अपने 10 साल का अनुभव भी शेयर किया।
डॉ. शरण कहते हैं, इसको लेकर ना कोई सर्वे होता है और ना कोई शोध… इसलिए इन आंकड़ों पर भरोसा करना थोड़ा मुश्किल सा है। हां, अच्छी बात ये है कि इस मुद्दे को सदन में उठाया गया है। अगर सरकार इसको लेकर सर्वे कराए तो सटीक कारण और उम्र का पता लगाने में काफी हद तक मदद मिल सकती है। इससे इलाज करने में भी मदद हो पाएगी।
इसको लेकर कहते हैं, हां, पिछले कुछ सालों में दिल की बीमारी युवाओं में अधिक देखने को मिल रही है। अगर मैं पिछले 10 साल के अनुभव के आधार पर बात करूं तो ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
वो इस बात पर भी जोर देते हुए कहते हैं कि अगर वास्तव में जांच किया जाए तो युवा कार्डियोलॉजिस्ट भी इस तरह की दिक्कत से जूझ रहे हैं। अधिकतर युवा डॉक्टर के हार्ट में स्ट्रेन डले हुए हैं।
अगर आप मुझसे स्पष्ट कारण पूछ रहे हैं तो ये मैं बताने में असमर्थ हूं क्योंकि, अपने यहां पर ऐसा कोई शोध या सर्वे हो तब जाकर कारण समझ में आए। कई लोग कोविड वैक्सीन को लेकर सवाल उठा रहे हैं जबकि, ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया है। पिछले कुछ सालों में लाइफस्टाइल में बेहद बदलाव हुए हैं। जैसे- हमने फिजिकल काम करना बेहद कम कर दिया है। हमें जैसे ही काम से फुर्सत मिलती है फोन लेकर बैठ जाते हैं। डिजिटल बिजी होना हमारे लिए साइलेंट किलर का काम कर रहा है। आपको फोन से दूर होकर क्वालिटी लाइफ बिताने पर फोकस करना चाहिए। लोगों से वर्चुअल नहीं आमने-सामने मिलिए, हर दिन टहलिए, दौड़िए, अच्छा खाना खाइए, फास्ट फूड्स को छोड़िए।
पहले हम लोग 40 के बाद ही लोगों को दिल की जांच करने की सलाह देते थे। पर, अब हमने ये 30 कर दिया है। अगर आप 30 के पार हो रहे हो तो आपको नियमित रूप से कुछ जांच कराते रहना चाहिए। अच्छा होगा कि आप डॉक्टर की सलाह लेकर निम्नलिखित जांच कराएं-
Published on:
20 Mar 2026 12:19 pm
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