International Yoga Day 2021: सात चक्रों और 72 लाख नाड़ियों को शुद्ध करता है योग प्राणायाम और ध्यान

International Yoga Day 2021: आज का दिन यानि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में पूरे विश्व में मनाया जा रहा है। वर्तमान में जहां लोगों ने योग को अपने जीवन का हिस्सा बना लिया है वहीं योग की अवस्था ध्यान का भी लाभ बखूबी ले रहे हैं।

By: Deovrat Singh

Published: 21 Jun 2021, 08:42 AM IST

International Yoga Day 2021: आज का दिन यानि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में पूरे विश्व में मनाया जा रहा है। वर्तमान में जहां लोगों ने योग को अपने जीवन का हिस्सा बना लिया है वहीं योग की अवस्था ध्यान का भी लाभ बखूबी ले रहे हैं। आज हम आपको बता रहे हैं कि योग दिवस से पहले योग का महत्व और योग की सही क्रिया के बारे में बताने जा रहे हैं।

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योग के महत्त्व को समझे लोग
एक्सपर्ट के मुताबिक आज प्रत्येक व्यक्ति को चाहिए योग प्राणायाम ध्यान की महत्ता को समझे और इसका भरपूर लाभ ले।शरीर के भीतर मौजूदा 72 लाख नाड़ियों को योग के माध्यम से शुद्ध किया जा सकता है और तो और शरीर के भीतर सातों चक्रों को भी ऊर्जान्वित किया जा सकता है। प्रत्येक चक्र के लिए अलग अलग आसन है जिसको जानकर सभी स्वस्थ्य एवम खुशनुमा जिंदगी जी सकते हैं। साथ ही साथ लोगों को चाहिए अपने शरीर के भीतर मौजूदा प्राण ऊर्जा को भी समझे और प्राणायाम जरूर करें। जब भी प्राण ऊर्जा नीचे चली जाएगी व्यक्ति निस्तेज आलस से भरा हो जाएगा और जब प्राण ऊर्जा ऊपर होगी तो व्यक्ति उर्जावान तेजवान स्वत हो जाएगा।

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प्राणायाम से है काफी लाभ
प्राणायाम दो शब्दों से मिलकर बना है प्राण और आयाम प्राण वह शक्ति है जो हमारे शरीर को ज़िंदा रखती है हमारे जीवन को चलाती है और हमारे मन को शक्ति देती है। इसलिए प्राण' को हमारी जीवन भी कहा जाता है और 'आयाम' से आशय नियमित करना। इसलिए प्राणायाम का अर्थ हुआ खुद की जीवन शक्ति को नियमित करना। अगर आपका मन किसी बात को लेकर विचलित हो या आपका किसी की बात से अपना मन हठा ही नहीं पा रहे हो तो आपको भ्रामरी प्राणायाम करना चाहिए । यह प्रक्रिया उक्त रक्तचाप से पीड़ित लोगों के लिए बहुत फायेदमंद है। नकारात्मक भावनाओं का सिर्फ एक ही समाधान है प्राणायाम और ध्यान। नाड़ियों की रुकावटों को खोलने हेतु कपालभाती उपयुक्त है। यह प्रक्रिया शरीर के विषहरण के लिए भी उपयुक्त है। अगर आप कम ऊर्जावान महसूस कर रहे हैं तो भस्त्रिका प्राणायाम के तीन दौर करें आप खुद को तुरंत शक्ति से भरपूर पाएंगे। अगर आप अपने कार्य पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे तो नाड़ी शोधन प्राणायाम के नौ दौर करें और उसके पश्चात दस मिनट ध्यान करें। नाड़ी शोधन प्राणायाम दिमाग के दांंए और बांए हिस्से में सामंजस्य बैठाता है मन को केंद्रित करता है।

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योग और ध्यान जरुरी
एक्सपर्ट के मुताबिक, आज सभी को चाहिए इस भागम भाग वाली जिंदगी में प्रतिदिन योग के लिए आधा घंटा जरूर निकालें योग के माध्यम से व्यक्ति वर्तमान में जीना सीख जाता है और साथ ही साथ अपने दैनिक कार्यों को भी भली भांति कर पाने में सक्षम हो जाता है। साथ ही साथ प्रत्येक व्यक्ति को चाहिए मौजूदा समय में 20 मिनट ध्यान के लिए अवश्य निकालें ध्यान के माध्यम से भी तमाम प्रकार की नकारात्मक ऊर्जाओं से मुक्त हो जाता है और व्यक्ति में सोचने समझने की शक्ति का विकास भी तेजी से होता है और व्यक्ति अतीत की दुखद घटनाओं से भी मुक्त होकर मुस्कान भरी जिंदगी जीता है।

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