
नवरात्रि व्रत के दौरान माइंडफुलनेस (ध्यान) का अभ्यास करना, भरपूर पानी पीना और संतुलित भोजन खाना एंग्जायटी और तनाव को दूर रखने में मदद कर सकता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (source- Gemini)
Navratri Stress Relief: नवरात्रि के पवित्र दिनों में हम देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं और कई लोग नौ दिनों का उपवास रखते हैं। व्रत रखने से शरीर की सफाई होती है और मन को शांति मिलती है, लेकिन कई बार व्रत के दौरान अचानक घबराहट (Anxiety), चिड़चिड़ापन, सिरदर्द या बेचैनी महसूस होने लगती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो चिंता की कोई बात नहीं है। यह बेहद सामान्य बात है। आइए समझते हैं कि व्रत में ऐसा क्यों होता है और इससे बचने या इसको कम करने के लिए क्या उपाय अपनाए जा सकते हैं।
जब हम अचानक रोज का खाना-पीना छोड़कर उपवास रखने लगते हैं, तो हमारे शरीर का पूरा रूटीन बदल जाता है। वेबएमडी (WebMD) के स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जब हम लंबे समय तक भूखे रहते हैं या अचानक कार्बोहाइड्रेट्स कम कर देते हैं, तो हमारे खून में शुगर (ग्लूकोज) का स्तर तेजी से गिरता है। हमारे दिमाग को चलने के लिए ग्लूकोज की जरूरत होती है, शुगर कम होते ही दिमाग तनाव के संकेत देने लगता है, जिससे चिड़चिड़ापन और घबराहट महसूस होती है।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (PMC) में प्रकाशित शोध के अनुसार, शरीर में पानी की थोड़ी सी भी कमी हमारे मूड, सोचने की क्षमता और तनाव के स्तर पर सीधा असर डालती है। व्रत में पानी कम पीने से सिरदर्द और एंग्जायटी बढ़ जाती है। चाय-कॉफी का ज्यादा सेवन: खाली पेट बार-बार चाय या कॉफी पीने से पेट में एसिड बनता है और दिल की धड़कन तेज हो जाती है। हमारा दिमाग इस तेज धड़कन को 'घबराहट' समझ लेता है।
भूखे रहने की समयावधि लंबी हो जाती है, जिससे लो ब्लड शुगर की समस्या होती है। इसे रोकने के लिए;
खाली पेट ज्यादा चाय या कॉफी पीने से पेट में एसिडिटी बनती है और हार्ट रेट (धड़कन) बढ़ सकती है, जिसे दिमाग अक्सर एंग्जायटी मान लेता है।
नवरात्रि का व्रत शरीर को डिटॉक्स करने और मन को आध्यात्मिक शांति देने के लिए होता है। अपनी डाइट और लाइफस्टाइल का थोड़ा सा ध्यान रखकर आप एंग्जायटी से मुक्त रहकर नवरात्रि के पावन पर्व का पूरा आनंद ले सकते हैं।
Published on:
19 Oct 2026 07:00 am
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