
Painkiller Side Effects (Photo- gemini ai)
Painkiller Side Effects: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सिरदर्द, बदन दर्द या हल्का बुखार होने पर पेनकिलर (दर्द निवारक गोली) खाना एक सामान्य बात हो गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी मेडिकल कैबिनेट में रखी ये छोटी सी गोली आपके लीवर के लिए 'साइलेंट किलर' साबित हो सकती है? हालिया मेडिकल रिसर्च और विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बिना डॉक्टरी सलाह के ली गई दवाएं लीवर फेलियर का सबसे बड़ा कारण बन रही हैं।
पेनकिलर्स और लीवर डैमेज के संबंध पर दुनिया भर में कई बड़े अध्ययन हुए हैं।
यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग (University of Edinburgh): स्कॉटलैंड की इस यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने पाया कि पैरासिटामोल (Paracetamol) की अधिक मात्रा लीवर की कोशिकाओं (Cells) के बीच के महत्वपूर्ण कनेक्शन को तोड़ देती है। जब ये जंक्शन टूटते हैं, तो लीवर का स्ट्रक्चर बिगड़ने लगता है और वह काम करना बंद कर देता है।
FDA और एक्यूट लीवर फेलियर: अमेरिकी संस्था FDA की एक रिपोर्ट के अनुसार, 'एक्यूट लीवर फेलियर' के लगभग 50% मामलों के पीछे पैरासिटामोल का ओवरडोज होता है।
जर्नल ऑफ हेपेटोलॉजी (Journal of Hepatology): इस शोध के अनुसार, लंबे समय तक NSAIDs (जैसे इबुप्रोफेन या डिक्लोफेनाक) का सेवन करने से लीवर में सूजन और 'ड्रग-इंड्यूस्ड लीवर इंजरी' (DILI) का खतरा 40% तक बढ़ जाता है।
हमारा लीवर शरीर की 'फिल्टर मशीन' है। जब हम कोई दवा लेते हैं, तो लीवर उसे प्रोसेस करता है। जब हम अधिक मात्रा में पेनकिलर लेते हैं, तो लीवर में NAPQI नामक एक जहरीला तत्व बनने लगता है। सामान्य तौर पर लीवर इसे बाहर निकाल देता है, लेकिन दवा की मात्रा अधिक होने पर लीवर का रक्षा तंत्र (Glutathione) खत्म हो जाता है और यह जहर सीधे लीवर सेल्स को मारने लगता है।
अगर आप नियमित पेनकिलर लेते हैं और आपको ये लक्षण दिखें, तो तुरंत सचेत हो जाएं:
डॉ. अरविंदर सोइन (Dr. Arvinder Soin), मेदांता इंस्टीट्यूट गुरुग्राम ऑफ लिवर ट्रांसप्लांटेशन के चेयरमैन ने कहा कि "पेनकिलर्स का गलत इस्तेमाल भारत में लिवर डैमेज का एक प्रमुख कारण बनता जा रहा है। विशेष रूप से पैरासिटामोल का ओवरडोज 'एक्यूट लिवर फेलियर' के लिए जिम्मेदार है। लोगों को यह समझना होगा कि हर सिरदर्द या बदन दर्द के लिए खुद से दवा लेना खतरनाक हो सकता है। यदि आपको लिवर से जुड़ी कोई भी समस्या है, तो बिना डॉक्टरी सलाह के दर्द निवारक दवाएं लेना जानलेवा हो सकता है।"
डॉ. एस. के. सरीन (Dr. S.K. Sarin), निदेशक, ILBS (लिवर और पित्त विज्ञान संस्थान) नई दिल्ली ने बताया कि "लिवर एक मूक अंग (Silent Organ) है, जो अक्सर 70-80% डैमेज होने तक लक्षण नहीं दिखाता। जब आप बार-बार पेनकिलर्स लेते हैं, तो यह लिवर की एंजाइम प्रक्रिया को बाधित करता है। खासकर 'कॉम्बिनेशन ड्रग्स' (जैसे दो अलग-अलग साल्ट वाली पेनकिलर) लिवर के लिए सबसे ज्यादा टॉक्सिक साबित होती हैं। सुरक्षित रहने के लिए हमेशा दवा की खुराक और उसके अंतराल का ध्यान रखें।"
डॉ. अजय भल्ला (Dr. Ajay Bhalla), गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट मेदांता हॉस्पिटल्स, नोएडा के बताया कि "अक्सर लोग बुखार या जुकाम में कई तरह की दवाएं एक साथ ले लेते हैं, जिससे अनजाने में पैरासिटामोल का डोज सुरक्षित सीमा से बाहर चला जाता है। यह लिवर में जहर (NAPQI) पैदा करता है। अगर आपको दवा लेने के बाद मतली या पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह लिवर के खतरे का संकेत हो सकता है।"
डोज का रखें ध्यान: एक स्वस्थ वयस्क को 24 घंटे में 4 ग्राम (4000mg) से ज्यादा पैरासिटामोल कभी नहीं लेनी चाहिए।
शराब से परहेज: अगर आप शराब का सेवन करते हैं, तो पेनकिलर लेना आपके लीवर के लिए 'डेथ वारंट' जैसा हो सकता है। यह कॉम्बिनेशन लीवर को बहुत तेजी से डैमेज करता है।
छिपी हुई दवाएं: अक्सर हम सर्दी-खांसी की दवा के साथ अलग से पेनकिलर ले लेते हैं। याद रखें, कई कफ सिरप में पहले से ही पैरासिटामोल होता है। लेबल जरूर पढ़ें।
डॉक्टर की सलाह: दर्द के मूल कारण को समझें। हर बार गोली खाने के बजाय फिजियोथेरेपी या योग का सहारा लें।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
22 Apr 2026 11:39 am
Published on:
22 Apr 2026 11:10 am
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