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पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द Pelvic Inflammatory Disease का हो सकता है संकेत, मेयो क्लिनिक से जानें लक्षण और बचाव

Pelvic Inflammatory Disease Cause: मेयो क्लिनिक और क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, पेट के निचले हिस्से में लगातार रहने वाले दर्द को सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए ये पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज के कारण भी हो सकता है। जानिए इसके लक्षण और कारण।
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भारत

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Nidhi Yadav

Jul 07, 2026

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पेट के निचले हिस्से में लगातार रहने वाला दर्द पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज के कारण भी हो सकता है।- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- gemini)

Pelvic Inflammatory Disease Symptoms: महिलाओं के शरीर में होने वाले छोटे-मोटे दर्द को अक्सर हम यह सोचकर टाल देते हैं कि पीरियड्स की वजह से होगा या थकान से हो रहा होगा। लेकिन अगर पेट के निचले हिस्से (पेल्विक एरिया) में लगातार तेज दर्द बना रहे, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, ये Pelvic Inflammatory Disease (PID) के कारण भी हो सकता है, यह महिलाओं के अंदरूनी अंगों में होने वाली सूजन या इन्फेक्शन (संक्रमण) है। अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो आगे चलकर मां बनने में भी दिक्कत आ सकती है। आइए जानते हैं कि ये बीमारी क्या होती है इसके कारण, लक्षण और बचाव के क्या उपाय हैं।

क्या होती है Pelvic Inflammatory Disease?

PID असल में महिलाओं के रीप्रोडक्टिव ऑर्गन्स (जैसे बच्चेदानी, फैलोपियन ट्यूब और ओवरीज) में होने वाला एक इन्फेक्शन है। ज्यादातर मामलों में होता यह है कि जब कोई सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन (STI) जैसे कि क्लैमिडिया या गोनोरिया का बैक्टीरिया योनि के रास्ते अंदर तक पहुंच जाता है, तो वहां सूजन और इन्फेक्शन पैदा कर देता है और यही पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज का कारण बनता है जिसे बच्चेदानी या पेल्विक अंगों का सूजन भी कहा जाता है।

इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

मेयो क्लिनिक के अनुसार, शुरुआत में इसके लक्षण इतने हल्के होते हैं कि पता ही नहीं चलता। लेकिन अगर नीचे दी गई परेशानियां महसूस हो रही हैं, तो इसको सामान्य समझकर टालना नहीं चाहिए;

  • पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द रहना।
  • प्राइवेट पार्ट से अजीब या बदबूदार डिस्चार्ज आना।
  • पार्टनर के साथ संबंध बनाते समय या उसके बाद तेज दर्द होना।
  • पेशाब करते समय जलन या दर्द महसूस होना।
  • पीरियड्स के अलावा भी बीच-बीच में या संबंध बनाने के बाद ब्लीडिंग होना।
  • इन्फेक्शन बढ़ने पर हल्का बुखार या कंपकंपी छूटना।

किन वजहों से बढ़ता है इसका खतरा?

  • सुरक्षित संबंध न बनाना या एक से ज्यादा पार्टनर होना।
  • 25 साल से कम उम्र की महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है।
  • प्राइवेट पार्ट को अंदर से साफ करने के लिए पानी या केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना।

इससे बचाव के लिए क्या उपाय अपनाने चाहिए?

अगर आपको यह समस्या इन्फेक्शन की वजह से हुई है, तो आपके पार्टनर का इलाज होना भी जरूरी है, नहीं तो ठीक होने के बाद उनसे आपको दोबारा इन्फेक्शन हो सकता है। संबंध बनाते समय सुरक्षा (कंडोम) का ध्यान रखें। प्राइवेट पार्ट को अंदरूनी तौर पर साफ करने के लिए किसी भी केमिकल या खुशबूदार चीज का इस्तेमाल बंद कर दें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।