
39 की उम्र में मां बनने जा रहीं सामंथा- फाइल फोटो @instasamantharuthprabhuoffl
Samantha Ruth Prabhu Pregnancy: एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु ने 39 की उम्र में अपने फैंस को एक बहुत बड़ी खुशखबरी दी है, वह मां बनने वाली हैं! पिछले साल दिसंबर 2025 में फिल्म मेकर राज निदिमोरु से शादी करने के बाद अब सामंथा ने अपनी प्रेग्नेंसी की खबर शेयर की है। सामंथा पिछले कुछ सालों से मायोसिटिस (Myositis) नाम की बीमारी से भी लड़ रही थीं।
इस बीमारी से जीतने के बाद सामंथा का प्रेग्नेंट होना उन लाखों महिलाओं के लिए एक बहुत बड़ी उम्मीद है जो किसी न किसी ऐसी बीमारी से जूझ रही हैं और बढ़ती उम्र में भी मां बनने का सपना देख रही हैं। आइए गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर शैलजा अग्रवाल से समझते हैं कि ऐसी कंडीशन में सुरक्षित प्रेग्नेंसी कैसे मुमकिन है और मेयो क्लिनिक से जानिए लेट प्रेगनेंसी के क्या रिस्क हैं।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है। मायोसिटिस का कोई इलाज नहीं है, लेकिन अधिकांश मामलों में, उपचार से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम कभी-कभी हमारी अपनी ही मांसपेशियों (Muscles) को दुश्मन समझकर उन पर हमला कर देता है।
वेबएमडी के मुताबिक, इसकी वजह से शरीर की मांसपेशियों में बहुत तेज दर्द, सूजन और हर वक्त इतनी थकान रहती है कि रोज के छोटे-मोटे काम करना भी मुश्किल हो जाता है।
गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर शैलजा अग्रवाल का कहना है कि ऐसी बीमारी में मां बनना बिल्कुल सुरक्षित है। अगर किसी महिला को मायोसिटिस या कोई और ऐसी ही बीमारी (जैसे ल्यूपस या गठिया) है, तो भी वह एक बिल्कुल स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती है। इसके लिए इन बातों का ध्यान रखना जरूरी हैं;
1. पहले से प्लानिंग करना- ऐसी स्थिति में डॉक्टरों की सलाह लेकर प्लानिंग करनी चाहिए। जब आपकी बीमारी कम से कम 6 महीने से बिल्कुल शांत हो (यानी आपको कोई दर्द या दिक्कत न हो), तब कंसीव करना सबसे बेस्ट और सेफ होता है।
2. दवाइयां- इस बीमारी में जो दवाइयां चलती हैं, उनमें से कई दवाएं पेट में पल रहे बच्चे के लिए ठीक नहीं होतीं। इसलिए प्रेग्नेंट होने से पहले ही डॉक्टर उन भारी दवाओं को रोककर ऐसी दवाइयां शुरू करते हैं जो बच्चे के लिए पूरी तरह से सेफ हों।
3. दो डॉक्टरों की निगरानी- ऐसी प्रेग्नेंसी में सिर्फ एक डॉक्टर से काम नहीं चलता। इसमें आपकी गायनेकोलॉजिस्ट (लेडी डॉक्टर) और आपकी बीमारी के जो स्पेशल डॉक्टर हैं, वो दोनों मिलकर समय-समय पर आपकी और बच्चे की सेहत चेक करते रहते हैं।
मेयो क्लिनिक के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कुछ प्राकृतिक बदलाव होते हैं जिससे लेट प्रेग्नेंसी में ये रिस्क थोड़े बढ़ जाते हैं;
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
25 Jun 2026 02:12 pm
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