शिशु यदि रात के समय ज्यादा रोए तो कान में संक्रमण की आशंका

सर्दी के मौसम में सर्द हवाएं फेफड़ों पर असर करती है तो बच्चों की इम्युनिटी घट जाती है। वहीं कम मात्रा में पानी पीने से गला शुष्क रहता है। इससे बच्चों में सर्दी, जुकाम व खांसी के अलावा फेफड़ों में संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है।

By: Divya Sharma

Published: 03 Jan 2020, 01:30 PM IST

एम्स, जोधपुर के ईएनटी एक्सपर्ट डॉ. अमित गोयल के अनुसार इस मौसम में कान, नाक व गले से जुड़े रायनाइटिस, साइनुसाइटिस व टॉन्सिलाइटिस जैसे संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। इनके लक्षणों को टालने से ब्रॉन्काइटिस व ओटाइटिस मीडिया (कान के अंदरुनी भाग के संक्रमण) की शिकायत हो सकती है।
इन लक्षणों की पहचान जरूरी
बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण नाक से गाढ़ा हरे रंग का पानी निकलता है। इसके अलावा चेहरे व सिर में दर्द, कान में बार-बार दर्द, सुनने में कमी, काफी समय तक लगातार रोना विशेषकर रात के समय। ऐसा १-२ रात लगातार हो तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं।
मौसमी फल खाएं
बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने और मौसमी रोगों से बचाव के लिए उन्हें मौसमी फल खिलाएं।
घ्यान रखें
शिशु को सीधी ठंडी हवा के संपर्क में आने से बचाएं। कोशिश करें कि उसे सीधी धूप के संपर्क में जरूर रखें। जुकाम व खांसी होने पर हीटर के बजाय उबलते पानी की भाप अप्रत्यक्ष रूप से दें। इससे नमी भी बनी रहेगी। नाक बहती है तो सूती वाली मुलायम कपड़े का प्रयोग करें। नाक की त्वचा पर मॉइश्चराइजर लगा सकते हैं। कान में से यदि मवाद निकले तो तुरंत डॉक्टरी परामर्श लें।

Divya Sharma Desk/Reporting
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