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Uterine Fibroids: बिना लक्षण भी हो सकती है यह बीमारी; जानिए यूट्राइन फाइब्रॉइड के संकेत और कब डॉक्टर से मिलना चाहिए

Uterine Fibroids Cause: क्या बिना किसी लक्षण के भी गर्भाशय में गांठ हो सकती है? जानिए यूट्राइन फाइब्रॉइड के लक्षण और क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार महिलाओं को कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
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भारत

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Nidhi Yadav

Jul 16, 2026

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बिना किसी लक्षण के भी गर्भाशय में यूट्राइन फाइब्रॉइड हो सकती है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Uterine Fibroids Symptoms: महिलाओं में उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। इन्हीं बदलावों के बीच गर्भाशय (बच्चादानी) से जुड़ी एक आम समस्या सामने आती है, जिसे यूट्राइन फाइब्रॉइड (Uterine Fibroids) या बच्चादानी की गांठ कहा जाता है। चौंकाने वाली बात यह है कि कई बार यह बीमारी शरीर में बिना किसी लक्षण के चुपचाप पनपती रहती है और महिलाओं को पता भी नहीं चलता। आइए क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार जानते हैं कि यूट्राइन फाइब्रॉइड क्या है, इसके शुरुआती संकेत क्या हैं और कब आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

क्या होता है यूट्राइन फाइब्रॉइड?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, यूट्राइन फाइब्रॉइड गर्भाशय की मांसपेशियों से बनने वाली छोटी या बड़ी गांठें होती हैं। अच्छी बात यह है कि ये गांठें कैंसर वाली नहीं होतीं (Non-cancerous), यानी इनसे कैंसर का खतरा न के बराबर होता है। इनका साइज एक छोटे से दाने से लेकर एक बड़े तरबूज जितना भी हो सकता है। ये एक या एक से अधिक भी हो सकती हैं।

यूट्राइन फाइब्रॉइड के मुख्य लक्षण

अगर फाइब्रॉइड का आकार बड़ा हो जाए या उसकी जगह ऐसी हो जो दिक्क्त पैदा करे, तो शरीर में ये लक्षण दिखने लगते हैं;

डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

वैसे तो फाइब्रॉइड्स जानलेवा नहीं होते, लेकिन कुछ स्थितियों में डॉक्टर को तुरंत दिखाना बेहद जरूरी हो जाता है। अगर आप नीचे दी गई समस्याओं का सामना कर रही हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें:

  • यदि आपको पेट या पेड़ू के हिस्से में ऐसा दर्द हो रहा है जो ठीक नहीं हो रहा।
  • पीरियड्स के दौरान इतनी ज्यादा ब्लीडिंग हो रही है कि आपको हर एक-दो घंटे में पैड बदलना पड़ रहा है।
  • पीरियड्स के बीच में भी अचानक से स्पॉटिंग (खून के धब्बे) या ब्लीडिंग होने लगे।
  • बिना किसी वजह के शरीर में खून की भारी कमी (एनीमिया) हो जाए और कमजोरी महसूस हो।
  • यदि आपको गर्भधारण (प्रेग्नेंट होने) में लगातार परेशानी आ रही हो।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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