
White Sugar Side Effect (Image- gemini AI)
White Sugar Side Effect: सफेद चीनी नाम सुनते ही आंखों के सामने आती है एक बहुत सुंदर तस्वीर और हमारी सबसे बड़ी कमजोरी यही है कि हम बाहरी आकर्षण से ही खींचे चले जाते हैं। यही तो होता है हर चीज के साथ, हम उसकी सुंदरता देखकर अनुमान लगा लेते हैं कि यह तो जरूर ही हमारी सेहत के लिए अच्छी होगी, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं होता है। अब आप चीनी को ही देख लीजिए, देखने में बिल्कुल सफेद और आकर्षित करने वाली, दूसरी तरफ स्वास्थ्य को उतना ही बदसूरत बनाने वाली।
ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, सफेद चीनी मस्तिष्क के उन हिस्सों को कोकीन से 8 गुना ज्यादा सक्रिय करती है। अभी तक आपने बस यह सुना था कि चीनी का ज्यादा सेवन हमें डायबिटीज का रोगी बना सकता है, लेकिन असल में डायबिटीज तो बहुत छोटी चीज है क्योंकि सफेद चीनी के कारण हमारे लगभग हर अंग में एक बीमारी पनप जाती है। आइए डॉक्टर संदीप जोशी से जानते हैं कि यह सुंदर लगने वाली सफेद चीनी हमारे स्वास्थ्य के लिए कितनी हानिकारक है और इससे कौन सी बीमारियों का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है? सफेद चीनी की जगह हमें किसका सेवन करना चाहिए?
चीनी खाने से आपको ड्रग से भी ज्यादा नुकसान होता है, यह बात आपने कभी सोची है क्या? नहीं न, तो अब सुनिए। डॉक्टर संदीप जोशी का कहना है कि जब आप चीनी का सेवन करते हैं तो सबसे पहले तो यह आपके शरीर में इंसुलिन के स्तर को बढ़ा देती है, उसके बाद यह दूसरा हमला हमारे लिवर पर करती है। जब हमारे शरीर में लगातार इंसुलिन का स्तर बढ़ता है, तो हमारी कोशिकाएं इसको अपना प्रतिरोधी समझने लगती हैं और यही सबसे बड़ी वजह है कि शरीर में डायबिटीज, मोटापा और PCOD जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है।
डॉक्टर संदीप जोशी का कहना है कि चीनी हमारे शरीर के हर अंग में अपना एक अलग रूप दिखाती है:
1. रक्त में सफेद चीनी की ज्यादा मात्रा डायबिटीज कहलाती है।
2. दिमाग में सफेद चीनी का ज्यादा स्तर डिमेंशिया (एक दिमागी बीमारी) का कारण बनता है।
3. हमारे दांतों में ज्यादा चीनी कैविटी (Dental Caries) के रूप में अपना असर दिखाती है।
4. लिवर में सफेद चीनी फैटी लिवर के रूप में सामने आती है।
5. हमारी त्वचा को उम्र से ज्यादा बूढ़ा बनाने में भी सफेद चीनी की ज्यादा मात्रा का ही हाथ होता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
05 Jan 2026 10:01 am
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