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Health Tips in Hindi : 40 साल के उम्र के बाद हेल्थ टेस्ट क्यों है जरुरी

Health Tips in Hindi : जैसे ही महिलाएं 40 के ऊपर हो जाती हैं वे अपने ऊपर पहले के तरीके केयर करना या ध्यान देना छोड़ देती हैं। ये जानते हुए भी कि बढ़ती उम्र के साथ आपको सेहत में ध्यान देने की कितनी आवयश्कता है। ऐसे में महिलाओं के उम्र को ध्यान में रखते हुए हम कुछ जरुरी टेस्ट बताएंगे, जिन्हे आपको समय-समय पर कराते रहना चाहिए।

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Why is a health test important after the age of 40

Why is a health test important after the age of 40

नई दिल्ली। Health Tips in Hindi : उम्र के बढ़ने के साथ ही हम धीरे-धीरे कमजोर होते जाते हैं। शरीर इतनी तेजी से ढलता है और उसमें कई प्रकार के परिवर्तन होने लगते हैं। शरीर में बेहद कमजोरी आ जाती है व पहला जैसा फुर्ती से काम नहीं कर पाता है। इस उम्र में पेरी‌-मेनोपॉज कि शुरुआत हो जाती है और यदि शरीर पर अच्छे से ध्यान ना रखा जाए तो ये उन्हें बीमारियों के प्रति संवेदनशील बना देती हैं। महिलाओं में ये समस्या देखने को मिलती है इसलिए उन्हें अपने शरीर का और अच्छे से ध्यान देना चाहिए। ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों की बीमारी), ब्रैस्ट कैंसर, हृदय रोग आदि ऐसी समस्याएं होती हैं जो 40 के बाद महिलाओं में देखने को मिलती है। ऐसे में यदि आप प्रॉपर टेस्ट करवाते हैं तो ये आपको होने वाली कोई भी बड़ी बीमारी से बचा सकती हैं।

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Health Tips in Hindi : 1. ब्रेस्ट कैंसर की जांच- ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाकल कैंसर सभी उम्र की औरतों को प्रभावित करने वाले दो बड़े कैंसर हैं। इसलिए डॉक्टर्स भी इन दो कैंसर का टेस्ट समय-समय पर करवाने के लिए जरुर बोलते हैं। ये बढ़ती उम्र के साथ और समस्या खड़ी कर देते हैं। शुरआत में ये एक छोटी सी गांठ के रुप में होते हैं, जो धीरे-धीरे बड़ी होती जाती है। इन दोनों प्रकार के कैंसर से बचने के लिए मैमोग्राम और स्मीयर टेस्ट जरूर करवाना चाहिए।
2. ब्लड प्रेशर की जांच- जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है वैसे-वैसे ब्लड प्रेशर का बढ़ना नोर्मल बात है। 40 की उम्र के आस-पास की महिलाओं में ज्यादातर ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ देखा जाता है। यदि आप इसपर ध्यान नहीं देंगे तो स्ट्रोक और दिल के दौरा होने का खतरा बढ़ जाता है। लाइट फ़ूड खा के,फलों को अपने आहार में लेके आप ब्लड प्रेशर के खतरे को कम कर सकते हो।
3. कोलेस्ट्रॉल की जांच- कोलेस्ट्रॉल का टेस्ट करवाके हम दिल में होने वाली समस्या और स्ट्रोक से बच सकते हैं। यदि आपका कोलेस्ट्रॉल हाई है तो दिल से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए आपको अपनी डाइट को बदलने की जरुरत है। तेल-मसाले वाले खाने को ना खाएं, ज्यादा घी का प्रयोग ना करें। ये भी बताते चलें की कोलेस्ट्रॉल का लेवल सही रुप से 200 मिग्रा प्रति डेसीलीटर से कम होना चाहिए।

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4. ब्लड शुगर टेस्ट- आदत बनायें की शुरू से ही अच्छा खाना खाएं ज्यादा तेल-मसालों का उपयोग ना करें, फल और दूध अपने आहार में जरुर शामिल करें। यदि आप शुरू से ध्यान नहीं देंगे तो बाद में आपको भुगतना पड़ सकता है। वजन बढ़ने के साथ पैन्क्रियाज में असर पड़ता है जो ब्लड में शुगर बढ़ने के लिए जिम्मेदार है। इसलिए ब्लड शुगर का टेस्ट कराते रहें।
5. ऑस्टियोपोरोसिस की जांच- बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों में दिक्कतें आना शुरू होती जाती हैं। जब हड्डियों में ताकत और घनत्व कम होने लगती है इससे ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। ऑस्टियोपोरोसिस होते ही ये हड्डियों को इतना कमजोर कर देता है की चोट या फफ्रैक्चर का खतरा दो गुना बढ़ जाता है। इसलिए समय से ऑस्टियोपोरोसिस की जांच जरूर कराएं।

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