कपालभाति में सांस जोर से छोड़ते हुए पेट को भीतर की ओर खींचा जाता है, जिससे पेट की मांसपेशियाँ सक्रिय होती हैं और मेटाबॉलिज्म तेज होता है। कुछ ही मिनटों के अभ्यास से गैस्ट्रिक समस्याएं कम होती हैं, पाचन सुधरता है और शरीर हल्का महसूस होता है। यह प्राणायाम इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाने में भी मदद करता है, इसलिए डायबिटीज मैनेजमेंट में विशेष रूप से उपयोगी है।