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स्ट्रेस टेस्ट ही नहीं, हैल्दी हार्ट की पहचान ऐसे भी करें

हृदय स्वस्थ है इसकी पहचान के लिए डॉक्टर ट्रेड मिल पर दौड़ाकर स्ट्रेस टेस्ट कराते हैं। लेकिन एक उपाय है जिसे खुद भी आजमाकर हैल्दी हार्ट की पहचान कर सकते हैं।

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स्ट्रेस टेस्ट ही नहीं, हैल्दी हार्ट की पहचान ऐसे भी करें

स्ट्रेस टेस्ट ही नहीं, हैल्दी हार्ट की पहचान ऐसे भी करें

हृदय स्वस्थ है इसकी पहचान के लिए डॉक्टर ट्रेड मिल पर दौड़ाकर स्ट्रेस टेस्ट कराते हैं। लेकिन एक उपाय है जिसे खुद भी आजमाकर हैल्दी हार्ट की पहचान कर सकते हैं।
क्या एक मिनट में चढ़ते हैं 40-50 सीढ़ियां?
हाल ही यूरोपियन सोसायटी ऑफ कार्डियोलॉजी में प्रकाशित शोध में कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति एक मिनट में करीब 40 सीढिय़ां चढ़ता है तो उसका हार्ट स्वस्थ है। उसे भविष्य में हार्ट अटैक का खतरा कम है। लेकिन जिन्हें 40 सीढिय़ां चढऩे में 90 सेकंड से अधिक समय लग रहा है तो यह हृदय के अस्वस्थ होने का संकेत हो सकता है। लेकिन खुद को रोगी न मानें। विशेषज्ञ से सलाह लें।
छह लक्षणों से पहचानें हृदय रोग
सांस लेने में दिक्कत: काम करने या फिर सीधा सोते समय सांस लेने में तकलीफ, ऐसा तब होता है जब हार्ट ठीक से पंप नहीं करता है। द्रव फेफड़ों में पहुंचने से सांस लेने में परेशानी होती है।
एडिय़ों के पास सूजन: जब शरीर में द्रव की मात्रा बढ़ती है तो पैरों की एडिय़ों में सूजन होती है। ऐसा तब होता है जब हार्ट ठीक से पंप नहीं कर पाता है। अंगों में द्रव जाने लगता है।
थकान होना : जब दिल इतना खून पंप नहीं करता है कि वह शरीर के अंगों तक पहुंच पाए, तो शरीर मांसपेशियों का खून इन अंगों को भेज देता है। इससे मांसपेशियों में कमजोरी से थकान होती है।
सांस लेने पर लगातार खांसी या घबराहट: जब हार्ट कमजोर होता है तो फेफड़ों में द्रव जमा होने लगता है। इससे सांस लेने पर घबराहट या लगातार खांसी की दिक्कत होती है।
सोचने-समझने की क्षमता पर असर: दिल की कमजोरी से खून में रसायनिक बदलाव या सोडियम की मात्रा घट-बढ़ जाती है। इससे सोचने-समझने की क्षमता पर असर पड़ता, उलझन होती है।
हार्ट बीट का बढऩा: जब हार्ट सामान्य रूप से खून को पंप नहीं कर पाता है तो शरीर के सभी अंगों तक पहुंचाने के लिए खून तेजी से दौड़ता है। इससे हार्ट बीट बढ़ जाती है।
स्थानीय फल-सब्जियां ज्यादा खाएं
फल-सब्जियां प्राकृतिक रूप से खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट्स भी अधिक होता है। जिससे हार्ट के सेल्स ज्यादा मजबूत होते हैं। लेकिन बाहरी और ऑफ सीजन के फल-सब्जियों की की जगह स्थानीय और मौसमी फल-सब्जियां अधिक खाएं। ये सस्ते और फायदेमंद भी होते हैं। बाहरी फल-सब्जियां ताजा न होने से उनमें पोषकता कम हो जाती है।
फिल्टर्ड तेल के उपयोग से बचें
हार्ट के लिए वे सब खाद्य पदार्थ नुकसान करती हैं जो फिल्टर्ड की जाती हैं। कई बार फिल्टर किया तेल भी नुकसान करता है। इसको लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए इसमें कैमिकल्स मिलाते हैं।
डॉ.प्रवीन कहाले, वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ, कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, मुंबई