
पुलवामा अटैक: खुल गया '313_get' का राज, जानिए इसके जरिए क्या साजिश कर रहा था जैश- ए- मोहम्मद
नई दिल्ली। पूरा देश गुस्से में है मीडिया और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है कि पुलवामा जैसे हाई अलर्ट एरिया में इस तरह के आतंकी हमले को अंजाम कैसे दिया जा सकता है। कई रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पुलवामा जैसा क्षेत्र हमेशा से आतंकियों का गढ़ रहा है फिर सुरक्षा एजेंसियों से इस क्षेत्र की सुरक्षा में कमी कैसे आ गई। पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले में हमारे देश के 37 जवान शहीद हो गए। आतंकी संगठन जैश- ए- मोहम्मद ने इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली है। एक मीडिया रिपोर्ट की मानें तो इस आतंकी हमले की तैयारी पिछले एक साल से जैश- ए- मोहम्मद कर रहा था। यहां तक कि जैश- ए- मोहम्मद ने अपने प्राइवेट ट्विटर अकाउंट पर कुछ दिन पहले हमले से जुड़े कुछ कोड और वीडियो अपलोड किए थे। इस वीडियो में जैश- ए- मोहम्मद के हवाले से कहा गया कि वह भारत में सुरक्षा बालों पर हमला करने वाला है।
इस आत्मघाती हमले के बाद देश की इंटेलीजेंस एजेंसियों पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा है कि हमारे देश की इंटेलीजेंस एजेंसियां क्या कर रही हैं। जानकारी के लिए बता दें कि हमारे देश में कोई एक इंटेलीजेंस एजेंसी नहीं है। सिर्फ जम्मू-कश्मीर की बात करें तो ऐसी दर्जनों इंटेलीजेंस एजेंसियां हैं जो इस क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों पर नज़र रहती हैं। बता दें कि जिस ट्विटर अकाउंट से हमले की चेतावनी का वीडियो वायरल हुआ था वह एक प्राइवेट अकाउंट है। इसका मतलब यह है कि कोई आम शख्स इस अकाउंट को एक्सेस नहीं कर सकता। बता दें कि सुरक्षा बालों पर हमले की चेतावनी के इस वीडियो के होने की पुष्टि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने की है। इनके मुताबिक इस ट्विटर हैंडल का नाम है '313_get' है। इस वीडियो के बारे में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया की, 33 सेकंड के इस वीडियो के आखिर में धमकी भरे अंदाज में बाकायदा कश्मीर का नाम लेते हुए कहा जा रहा है कि 'इंशाअल्लाह, यही कश्मीर में होगा।' इस वीडियो को वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क के मदद से अपलोड किया गया है। इस नेटवर्क के जरिए पोस्ट करने की वजह से इस वीडियो की लोकेशन ढूंढने में मुश्किल हो रही है।
Updated on:
15 Feb 2019 11:32 am
Published on:
15 Feb 2019 10:44 am
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