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झारखंड की इस घाटी में पहुंचते ही बदल जाता है टाइम जोन, पहुंच जाएंगे 2022 से सीधे 2024

रांची-जमशेदपुर रोड की तैमारा घाटी इन दिनों रहस्‍यमई घटना को लेकर चर्चा में है। रांची से जमशेदपुर जाने वाले मार्ग पर एक विशेष स्थान पर मोबाइल का समय और साल बदल जाता है। यहां से गुजरने वालों के मोबाइल में डेढ़ से दो साल आगे बढ़ जाता है।

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ranchi taimara valley of Jharkhand

ranchi taimara valley of Jharkhand

अपने देश में सभी जगह टाइम जोन एक समान है। देश की किसी भी कोने में चले जाए आपकी घड़ी एक समान ही समय बताएगी। अपने देश में एक ऐसी है जहां पर पहुंचते ही टाइम जोन बदल जाता है। जी हां, हम बात कर रहे है झारखंड की रांची-जमशेदपुर रोड की तैमारा घाटी की। इन दिनों रहस्यमई घटना को लेकर इस घाटी की चर्चा दुनियाभर में हो रही है। दरअसल, रांची-जमशेदपुर रोड की तैमारा घाटी को पार करते हुए आप डेढ़ दो साल आगे चले जाते हैं। इस इलाके में अचानक से मोबाइल के टाइम जोन भी बदल जाते है। 2022 के बदले आप अचानक 2024 मे चले जाते हैं।

समय डेढ़-दो साल बढ़ जा रहा आगे
स्थानीय लोगों का कहना है कि टाइम को लेकर काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मोबाइल पर समय बदल जाता है। लॉकडाउन के समय मोबाइल पर 2023 दिख रहा था। मगर कुछ समय पहले से 2024 दिख रहा है। यहां से गुजरने वाले लोगों के मोबाइल की घड़ी का समय बदल जा रहा है। यह टाइम कुछ देर के लिए नहीं बल्कि समय डेढ़-दो साल आगे बढ़ जा रहा है। तारीख और समय में भी परिवर्तन हो जा रहा है।

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बायोमेट्रिक अटेंडेस में आती है परेशानी
तैमारा घाटी में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की प्रधान अध्यापिका का कहना है कि बायोमेट्रिक अटेंडेस में काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि जब भी वह बायोमेट्रिक अटेंडेंस बनाती हैं तो यह अटेंडेंस 2023 या 2024 का बन जाता है। परेशान होकर स्टाफ अब अटेंडेंस के लिए रजिस्टर तैयार किया गया है।

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गाड़ियों की लाइट हो जाती है बंद
तैमारा घाटी स्थित मंदिर मे रहनेवाले (केयर टेकर) लक्ष्मण नायक का कहना है कि यहां पर कभी कभी गाड़ियों की लाइट अपने आप बंद हो जाती है। उनका मानना है कि यहां कोई दैवीय शक्ति है जिस कारण ये स्थिति देखने को मिलती है। मोबाइल के टाइम जोन के साथ ही कई बार गाडियों की लाइट भी बंद हो जाती है।

बदल जाती है कंपास के सुई की दिशा
वहीं, पर्यावरणविद नीतीश प्रियदर्शी का कहना है कि यह घटना उनके सामने आई है। कई लोगों ने उन्हें मैसेज भी किया है। उन्होंने अपने मोबाइल फोन के माध्यम से चुंबकीय प्रभाव को बताने की कोशिश की और उन्होंने यह कर के दिखाया कि जैसे ही चुंबक को मोबाइल फोन के कंपास के निकट ले जाया जाता है और उसे दायें-बाएं किया जाता है। कंपास के सुई की दिशा बदल जाती है।